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सैन डिएगो की मस्जिद में तीन लोगों की हत्या, दो संदिग्ध टीनएज हमलावर भी मृत मिले, पुलिस चीफ स्कॉट वाहल ने इसे हेट क्राइम बताया
अमेरिका के सैन डिएगो में सोमवार को एक दर्दनाक गोलीबारी की घटना सामने आई, जहां शहर की सबसे बड़ी मस्जिदों में शामिल इस्लामिक सेंटर ऑफ सैन डियागो में हुए हमले में तीन लोगों की मौत हो गई. घटना के बाद दोनों संदिग्ध हमलावर भी मृत पाए गए. पुलिस इस मामले की जांच हेट क्राइम हमले के तौर पर कर रही है.
स्थानीय पुलिस के मुताबिक गोलीबारी उस समय हुई जब मस्जिद परिसर में लोग मौजूद थे. घटना के बाद पूरे इलाके को पुलिस ने घेर लिया और भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए. अमेरिकी मीडिया की हवाई तस्वीरों में कई बच्चों को मस्जिद परिसर से सुरक्षित बाहर निकालते हुए देखा गया. पार्किंग एरिया पुलिस वाहनों से भरा नजर आया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया.
सैन डिएगो पुलिस प्रमुख स्कॉट वाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोनों संदिग्ध किशोर उम्र के बताए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में यह मामला एंटी-मुस्लिम हेट क्राइम प्रतीत हो रहा है. हालांकि, पुलिस अभी हमलावरों की पहचान और हमले के मकसद की गहराई से जांच कर रही है.
घटना पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी. ट्रम्प ने कहा कि यह बेहद भयानक स्थिति थी. हम इस मामले की पूरी गंभीरता से जांच करेंगे. इस दौरान उन्होंने मध्य पूर्व और ईरान का भी जिक्र किया. ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा. उन्होंने कहा कि यह सबसे महत्वपूर्ण काम है जो हम कर सकते हैं. ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता.
ट्रम्प के बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब अमेरिका में पहले से ही धार्मिक और राजनीतिक ध्रुवीकरण को लेकर बहस तेज है. विश्लेषकों का मानना है कि मस्जिद पर हुए इस हमले ने देश में बढ़ती इस्लामोफोबिया की चिंताओं को फिर सामने ला दिया है.
वहीं, न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने घटना पर गहरा दुख जताया और इसे मुस्लिम विरोधी हिंसा बताया. उन्होंने कहा कि इस्लामोफोबिया पूरे देश में मुस्लिम समुदायों के लिए खतरा बनता जा रहा है. हमें डर और विभाजन की राजनीति के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना होगा. मेयर ममदानी ने एहतियात के तौर पर न्यूयॉर्क शहर की मस्जिदों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का भी ऐलान किया. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल न्यूयॉर्क के धार्मिक स्थलों को कोई सीधा खतरा नहीं है.
घटना के बाद अमेरिकी मुस्लिम संगठनों ने भी हमले की निंदा की है और संघीय एजेंसियों से सख्त कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमलावरों के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या कट्टरपंथी सोच तो नहीं थी.
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