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Sweet potato benefits: शकरकंद के कई फायदे के बारे में हम जानते हैं लेकिन जब भी हम शकरकंद खाते हैं तो उसके साथ कभी उसका छिल्का नहीं खाते. यह अक्सर डस्ट बिन में ही जाता है. अब एक नए रिसर्च में जो बात सामने आई है उसके हिसाब से आप इस छिल्के को नहीं फेकेंगे. रिसर्च के मुताबिक शकरकंद के छिल्के में कैंसर के जोखिम को कम करने की क्षमता है.
शकरकंद के छिलके से कैंसर पर लगाम लग सकता है.
Sweet potato peels Prevent cancer: शकरकंद रूट वेजिटेबल है जिसके कई फायदे हैं. इन फायदों के बारे में हम पहले से जानते हैं लेकिन एक रिसर्च में दावा किया गया है कि जिस शकरकंद के छिलके को हम फेंक देते हैं, उससे कैंसर जैसी बीमारियों को खत्म करने की क्षमता है. इस अध्ययन में दावा किया गया है कि शकरकंद के छिलके में ऐसे-ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर होने के जोखिम को बहुत कम कर देता है. रिसर्च के मुताबिक शकरकंद में भी कैंसररोधी गुण होता है. शकरकंद में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो शरीर में फ्री रेडिकल्स को खत्म करने में मदद करता है. फ्री रेडिकल्स जब कोशिकाओं में बनने लगते हैं तब आसपास की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है. इससे कोशिकाओं के अंदर डीएनए, लिपिड और प्रोटीन डैमेज होने लगते हैं जो कैंसर कोशिकाओं में बदलने का कारण बनता है.
छिल्के में मिले कैंसर को खत्म करने वाले कंपाउंड
अमेरिकी नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसीन की वेबसाइट और पबमेड जर्नल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक शकरकंद के छिलके में कैंसररोधी गुण को साबित करने के लिए एक परीक्षण किया गया. इस परीक्षण में शकरकंद के छिलके में मौजूद विभिन्न तत्वों को निकाला गया और इसके बाद इसका विश्लेषण किया गया. इसके बाद शकरकंद के छिलके में स्लफोरहोडामाइन बी और 2, 2 डाइफिनाइल-1 पिकराइलड्रेजाइल जैसे तत्व पाए गए. इन तत्वों में एंटीकैंसर गुण से भरपूर होते हैं. इसके साथ ही इसमें कई एंटीऑक्सीडेंट्स भी मिले जो कैंसर से बचाने में बहुत मददगार है. दरअसल, कोलोन, ब्रेस्ट, ओवरी, नेक, लंग्स जैसे कैंसर में जो तत्व पाए जाते हैं, उन तत्वों को शकरकंद के छिलके पाए जाने वाले कंपाउड कम कर देते हैं. ये सारे तत्व इन कैंसर को होने से रोक सकता है. अध्ययन के मुताबिक शकरकंद के छिलके कई तरह के कैंसर कोशिकाओं को पनपने से रोकने में सक्षम है.
स्किन पर लाता है ग्लो
कई वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि शकरकंद के छिलकों में गूदे या पल्प के मुकाबले दस गुना ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर होते हैं. यह न केवल पाचन को दुरुस्त रखता है बल्कि शरीर में कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में भी सहायक पाया गया है. इसमें मौजूद अघुलनशील फाइबर कब्ज की समस्या को दूर करता है और आंतों की सेहत के लिए वरदान है. शकरकंद के छिलके हार्ट के लिए भी बहुत फायदेमंद है. शकरकंद के छिलके में मौजूद पोटैशियम बीपी को नियंत्रित करने और हार्ट की धमनियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है. इससे स्किन में निखार आता है. एंटीऑक्सीडेंट्स की अधिकता के कारण यह फ्री रेडिकल्स से लड़ता है, जिससे समय से पहले झुर्रियां नहीं आतीं और त्वचा चमकदार बनी रहती है.
टाइप 2 डायबिटीज में भी फायदेमंद
एक दूसरी रिपोर्ट के मुताबिक शकरकंद के छिलके डायबिटीज के जोखिम को कम करने में माहिर है. आमतौर पर यही समझा जाता है कि शकरकंद मीठा होता है इसलिए यह डायबिटीज मरीजों को नहीं खाना चाहिए. लेकिन बीबीसी की एक रिपोर्ट ने रिसर्च का हवाला देते हुए बताया है कि 80 ग्राम शकरकंद में 285 किलो जूल ऊर्जा मिलती है. इसके साथ ही इसमें 0.9 ग्राम प्रोटीन, 0.2 ग्राम फैट, 6.7 ग्राम शुगर, 280 मिलीग्राम पोटैशियम, 14 मिलीग्राम विटामिन सी सहित कई तरह के मिनिरलस् पाए जाते हैं. ये सारे तत्व कई बीमारियों से बचाते हैं. इतना ही नहीं शकरकंद से टाइप 2 डायबिटीज से भी मुक्ति दिलाता है. अध्ययन के मुताबिक अगर शकरकंद की कम खुराक का सेवन किया जाए तो यह टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में ब्लड शुगर लेवल को बहुत घटा देता है. शकरकंद में कई तरह के विटामिन, मिनिरल्स और माइक्रो न्यूट्रेंट्स होते हैं जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद है. शकरकंद के नियमित सेवन से वजन भी घटाया जा सकता है. शकरकंद वसा के मेटाबोलिज्म को तेज करता है. शकरकंद का सेवन करने के बाद भूख बहुत कम लगती है और लंबे समय तक कुछ खाने की चाहत नहीं होती है. इसी कारण शकरकंद वजन को कम करने में मदद करता है. इतना ही नहीं माना जाता है कि शकरकंद के सेवन से ब्लड शुगर भी नियंत्रित रहता है. शकरकंद एनर्जी बूस्टर भी है.
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18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें





