- हिंदी समाचार
- राष्ट्रीय
- स्वाति मालीवाल बिभव कुमार मारपीट मामला; अरविंद केजरीवाल पीए | जमानत याचिका
नई दिल्ली8 मिनट पहले
- लिंक

आप सांसद स्वाति मालीवाल का आरोप है कि 13 मई को केजरीवाल के पीए बिभव कुमार ने उनके साथ मारपीट की।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीए बिभव कुमार ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। याचिका में उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए गिरफ्तारी की मांग की है।
इसके अलावा बिभव की लीगल टीम ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले की सुनवाई कल यानी 30 को करने की मांग की है।
2 दिन पहले यानी 27 मई को ही दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट से जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। 28 मई को बिभव को कोर्ट ने 3 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया।
बिभव पर आप के राज्यसभा से मारपीट का आरोप है। स्वाति मालीवाल की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें 18 मई को सीएम हाउस से गिरफ्तार किया था।

केजरीवाल के पीए बिभव को 18 मई को तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
मुकदमा कोर्ट में सुनवाई के दौरान रो पड़े थे स्वाति
बिभव कुमार ने 25 मई को ट्रायल कोर्ट में जमानत के लिए याचिका लगाई थी, जिस पर 27 मई को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान स्वाति भी कोर्ट में मौजूद थीं। बिभव के वकील हरिहरन ने सुनवाई के दौरान आरोप लगाया कि जब संवेदनशील शरीर के अंगों पर चोट के निशान नहीं मिले तो गैर इरादतन हत्या की कोशिश का सवाल ही नहीं है।
न ही बिभव का स्वाति को निर्वस्त्र करने का कोई इरादा था। ये थकान खुद को पहुंचाई जा सकती है। बिभव के वकील ने यह भी कहा कि पुराने समय में ऐसे आरोप कौरवों पर लगे थे, जिन्होंने द्रौपदी का चीरहरण किया था। स्वाति ने यह एफआईआर पूरी प्लानिंग करके 3 दिन बाद दर्ज कराई है। ये सुन स्वाति कोर्ट के कमरों में ही रो पड़ीं। पूरी खबर पढ़ें…

तस्वीर तब की है जब दिल्ली पुलिस सीन रिक्रिएट करने वाले केजरीवाल के घर पहुंची थी।
बिभव सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट के मामले में निलंबित
मार्च 2024 में बिभव को सीएम के कार्मिक सचिव के पद से बर्खास्त कर दिया गया था। विशेष सचिव विजिलेंस वाईवीजे राजशेखर ने आदेश जारी कर कहा था कि विभव की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। उनकी नियुक्ति के लिए निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन नहीं किया गया। इसलिए यह नियुक्ति अवैध और शून्य समझौता दी जाती है। राजशेखर ने ये आदेश 2007 के एक मामले के आधार पर दिया।
आगामी, 2007 में बिभव पर एक सरकारी अधिकारी के साथ कथित तौर पर मारपीट का आरोप लगा था। नव विकास प्राधिकरण में तैनात महेश पाल ने बिभव पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर एक सार्वजनिक सर्वेंट को अपने कर्तव्यों को करने से रोका, उसे गाली दी और धमकी दी। महेश ने 25 जनवरी 2007 को नोएडा सेक्टर-20 के पुलिस इंस्पेक्टर में इसकी शिकायत दर्ज करवाई थी। इस मामले में दिल्ली के उपराज्यपाल की ओर से भी कार्रवाई की गई थी।

ये खबर भी पढ़ें…
मालीवाल का मारपीट केस के बाद पहला इंटरव्यू, कहा- बिभव ने तीसरी और लात मारी

आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने अपने साथ हुई मारपीट के बाद पहली बार इंटरव्यू दिया है। उन्होंने गुरुवार को न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कहा कि वे 13 मई को सुबह 9 बजे के करीब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने सीएम आवास गए थे। वहां पर स्टाफ ने डिजाइनर रूम में बैठाया और कहा कि वह डिजाइनर घर पर हैं और मिलने आ रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
मालीवाल बोलीं- ध्रुव राठी ने मेरे खिलाफ एकतरफा वीडियो बनाया

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने रविवार 26 मई को यूट्यूबर ध्रुव राठी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ध्रुव राठी ने मेरे खिलाफ वीडियो पोस्ट किया है। इसकी वजह से मुझे पहले से ही मिल रही यादें और हत्या की धमकियाँ बढ़ गई हैं। पढ़ें पूरी खबर…
