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Low Appetite and Weakness in Kids: अगर आपका बच्चा कम खाता है, जल्दी थक जाता है और पढ़ाई या खेल में इंट्रेस्ट नहीं दिखाता, तो यह एनीमिया का संकेत हो सकता है. सही समय पर जांच, आयरन से भरपूर डाइट और विटामिन C से भरपूर फ्रूट्स से इस समस्या से निजात मिल सकती है. आजकल बच्चों में भी एनीमिया की समस्या तेजी से बढ़ रही है.
आजकल बच्चों में भी एनीमिया की समस्या देखने को मिल रही है.
Why Kids Feel Tired Often: बच्चे अक्सर शरारती होते हैं और दिनभर खेलकूद में मस्त रहते हैं. कई बार खेलकूद के कारण खाना तक नहीं खाते हैं और अपनी ही धुन में लगे रहते हैं. बच्चे अक्सर अपनी मर्जी से काम करते हैं और कई बार पढ़ाई-लिखाई की ओर भी ध्यान नहीं देते हैं. बच्चों का एनर्जी लेवल अक्सर हाई रहता है और वे दिनभर की भागदौड़ के बावजूद थके हुए नजर नहीं आते हैं. हालांकि कई बच्चों में जल्दी थकान की समस्या देखी जाती है. अगर आपका बच्चा लगातार कम खा रहा है, जल्दी थक जाता है, खेलने में रुचि नहीं दिखाता और पढ़ाई में भी पिछड़ा है, तो यह सेहत से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है.
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार बच्चों में जल्दी थकान होना एनीमिया का संकेत हो सकता है. एनीमिया बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित करता है. समय पर पहचान और सही पोषण से इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है. डॉक्टर्स कहते हैं कि बच्चों के खानपान में अलग-अलग हेल्दी चीजें शामिल करनी चाहिए. अगर बच्चा लगातार थकान महसूस कर रहा है या भूख नहीं लगा रही है तो उसका हेल्थ चेकअप करवाएं. ब्लड टेस्ट से एनीमिया की पुष्टि हो सकती है. अगर खानपान से एनीमिया से राहत नहीं मिलती, तो डॉक्टर की सलाह से आयरन की दवाइयां भी ली जा सकती हैं.
नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार एनीमिया बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है, लेकिन सही समय पर ध्यान और पौष्टिक आहार से इससे बचा जा सकता है. एनीमिया मुख्य रूप से आयरन की कमी से होता है. इससे बच्चे की रक्त कोशिकाएं पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पातीं, जिसके कारण थकान, कमजोरी और भूख न लगना जैसे लक्षण दिखते हैं. अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो बच्चे का विकास रुक सकता है और पढ़ाई-लिखाई पर भी बुरा असर पड़ता है. ऐसी परिस्थिति में घबराने नहीं बल्कि लक्षण के साथ समाधान पर काम करना चाहिए.
एनीमिया से बचाव के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, सरसों का साग जैसी चीजें बच्चों को रोज खिलाएं. ये आयरन का अच्छा सोर्स हैं. मूंग, चना, राजमा जैसी दलहन और अंकुरित अनाज आयरन और प्रोटीन से भरपूर होते हैं. इन्हें उनकी थाली में शामिल करें. विटामिन सी युक्त फल जैसे संतरा, मौसमी, आंवला, नींबू को भी शामिल करें. विटामिन सी आयरन के अवशोषण में मदद करता है. मिल्क प्रोडक्ट दूध, दही और पनीर बच्चे के आहार में शामिल करें. गुड़ भी एनीमिया से बचाव में सहायक है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें





