Pakistan Plan To Target India S-400 Defence System: बीते साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के सबसे आधुनिक डिफेंस सिस्टम एस-400 ने करीब 400 किमी भीतर घुसकर उसके एक बड़े विमान को तबाह कर दिया था. बाद में रिपोर्ट आई कि यह विमान पाकिस्तान का अवाक्स सिस्टम था जो भारत की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहा है. अवाक्स सिस्टम आधुनिक रडार और सेंसर से लैस होते हैं और बेहद ऊंचाई से दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखते हैं. ऐसे में एस-400 की इस चोट से वह बुरी तरह कराह उठा था. इस हमले के बाद ही उसने भारत के सामने सीज फायर का प्रस्ताव भेजा था. उस वक्त तात्कालिक तौर पर उसने इस चीज को दबाने की कोशिश की, लेकिन उसने अपने दिल में इस डिफेंस सिस्टम से एक तरह की दुश्मनी पाल ली. फिर वह इस सिस्टम पर वार की रणनीति बनाने में जुट गया. इसमें उसने चीन से मदद ली. अब रिपोर्ट आ रही है कि उसने
एस-400 को मारने की इस साजिश में एक बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है.
भारत के पास एस-400 के 10 स्क्वाड्रन
दरअसल, भारत अपने एयर डिफेंस सिस्टम को लगातार मजबूत करने में जुटा है. अगले कुछ ही महीने में एस-400 का चौथा स्क्वाड्रन मिलने वाला है. फिर इस साल के अंत तक पांचवां स्क्वाड्रन भी मिल जाएगा. इसके अलावा भारत सरकार एस-400 के पांच और स्क्वाड्रन खरीदने की योजना पर काम कर रही है. इसके साथ ही एयरफोर्स
एस-400 श्रेणी के देसी डिफेंस सिस्टम कुश के भी पांच स्क्वाड्रन को खरीदने की तैयारी कर ली है. इसके अलावा अन्य हल्के डिफेंस सिस्टम भी तैयार किए जा रहे हैं. कुल मिलाकर भारत की कोशिश पूरे देश को एक अभेद किले में तब्दील करने की है, जिससे एफ-35 और चीन जे-20 या जे-35 जैसे पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स से भी भेदना लगभग नामुमकिन बन जाए. भारत की इस तैयारी से पाकिस्तान बुरी तरह बिलबिलाया हुआ है. उसके पास इतने पैसे नहीं है कि वह एस-400 जैसे बेहद एडवांस डिफेंस सिस्टम खरीद सके. दूसरी तरफ उसके चीनी डिफेंस सिस्टम पहले ही बेकार साबित हो चुके हैं. ऑपरेशन सिंदूर में ये चीनी डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से कागजी शेर साबित हुए थे.
पाकिस्तान की तैयारी
ऑपरेशन सिंदूर में एस-400 की मार के बाद से पाकिस्तान पुरी तरह बिलबिलाया हुआ है. उसने इसको तबाह करने के लिए एक बेहद सस्ती रणनीति बनाई है. दरअसल, पाकिस्तान एयर फोर्स ने अपने रिटायर्ड चेंगदू एफ-7पीजी फाइटर जेट्स को हाई-स्पीड अनमैन्ड कॉम्बैट ड्रोन में बदलने की योजना बनाई है. इस ड्रोन को विकसित करने की पूरी रणनीति एस-400 को भेजने और उसके रडार-मिसाइल नेटवर्क को थकाने की है. उसने इसकी पूरी प्लानिंग चीन से ली है. तमाम खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन ने अपने पुराने पड़ चुके सैकड़ों जे-6 और जे-7 एयरक्राफ्ट को ड्रोन में तब्दील कर दिया है. अब पाकिस्तान भी इसी रणनीति पर काम रहा है. इसमें पुराने पड़ चुके जेट को डिस्पोजेबल और तेज गति वाले हथियार में बदला जा रहा है.
फाइटर जेट्स कैसे बनेंगे ड्रोन
इस कार्यक्रम के मूल में है जोम्बी जेट तकनीक. फाइटर जेट्स से इंजीनियर पायलट से जुड़े सारे उपकरण हटा देते हैं. इसमें मैनुअल प्लाइट कंट्रोल, ऑक्सीजन टैंक, डैशबोर्ड इंस्ट्रूमेंट्स और इजेक्शन सिस्टम शामिल है. इन सिस्टम को हटाने के बाद एयरक्राफ्ट का वजन काफी कम हो जाता है. इन जगहों पर भारी मात्रा में विस्फोटक या एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगाए जाते हैं. इन जेट्स में जीपीएस और इनर्शियल सेंसर्स लगाए जाते हैं जिससे कि इनको रिमोट से ऑपरेट किया जा सके.
निशाने पर एस-400 कैसे
मूल रूप में फाइटर जेट्स होने के कारण इन ड्रोन्स की स्पीड बहुत ज्यादा होती है. साथ ही इनको सतह से 100 मीटर तक की ऊंचाई पर भी उड़ाया जा सकता है. ऐसे में कम ऊंचाई पर उड़ने के कारण इनको किसी भी रडार सिस्टम से डिटेक्ट करना मुश्किल काम होता है. दूसरी तरफ अगर इनको डिटेक्ट कर भी लिया जाता है तो उनको नष्ट करने के लिए बहुत कम समय मिलता है. पाकिस्तानी रणनीतिकारों का मानना है कि ये ड्रोन दुश्मन के रडार स्क्रीन पर रियल एफ-16 या जे-10 जैसे फाइटर जेट्स दिखेंगे. इससे वे कंफ्यूज हो जाएंगे. ऐसे में वे इन
हल्के ड्रोन्स को मारने के लिए एस-400 की बेहद महंगी मिसाइलों का इस्तेमाल करेंगे या फिर थोड़ी सी चूक होने पर ये ड्रोन घातक बन जाएंगे. उसकी योजना इन ड्रोन्स को झूंड में दुश्मन के इलाके में भेजने की है. कुल मिलाकर उसकी रणनीति के केंद्र में एस-400 सिस्टम है. रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान इन ड्रोन की विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए इसमें रडार इनहैंसिंग डिवाइल भी लगा सकते हैं जिससे कि ये दुश्मन के रडार सिस्टम पर प्रभावी रूप में दिखे और दुश्मन इन पर महंगी मिसाइलें फायर करने पर मजबूर हो जाए. इस प्रक्रिया में दुश्मन के डिफेंस सिस्टम का लोकेशन पता चल जाएगा. ऐसा होने के बाद उस पर यानी एस-400 पर असली फाइटर जेट्स से हमला किया जाएगा.