Last Updated:
Goolar ke Fayde: गूलर का पेड़ आयुर्वेद में बेहद महत्वपूर्ण औषधीय पौधा माना जाता है. दिखने में साधारण यह पेड़ कई गंभीर समस्याओं में फायदेमंद साबित होता है. इसके फल में एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते है जो पाचन तंत्र को मजबूत करते है और कब्ज से राहत दिलाते है. गुलर की छाल का काढ़ा मधुमेह नियंत्रित करने और घाव भरने में उपयोगी माना जाता है. वहीं, इसके पत्तों का लेप त्वचा रोग, सूजन और फोड़े-फुंसी में लाभ पहुंचाता है. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार गुलर का सेवन खून साफ करने, इम्युनिटी बढ़ाने और पेट की समस्याओं को कम करने में भी मदद करता है. नियमित और संतुलित उपयोग से यह पेड़ सचमुच प्राकृतिक औषधि का खजाना साबित हो सकता है.
खासतौर पर गूलर पाचन तंत्र के लिए बहुत उपयोगी मानी जाती है. इसका सेवन करने से कब्ज, गैस, पेट दर्द और दस्त जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. इसमें फाइबर पाया जाता है, जो पेट को साफ रखने में सहायता प्रदान करता है और भूख को भी संतुलित करता है, जिससे शरीर हल्का और निरोग रहता है.

गूलर शुगर से जूझ रहे लोगों के लिए भी एक उपयोगी विकल्प बताया जाता है. इसके सूखे फल का चूर्ण या छाल का सेवन ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में बहुत सहायक माना जाता है. यह शरीर के संतुलन को सही बनाए रखने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है.

गुलर बवासीर जैसी तकलीफदेह बीमारी में भी बेहद लाभकारी साबित हो सकती है. इसके फल का सेवन और दूध का उपयोग ब्लीडिंग को कम करने और सूजन घटाने में मदद करता है. यह प्राकृतिक रूप से राहत देने वाला देसी उपाय है, जिसे लोग पारंपरिक रूप से अपनाते आ रहे हैं.
Add News18 as
Preferred Source on Google

राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, घाव और त्वचा संबंधी समस्याओं में भी गूलर का उपयोग किया जाता है. इसके दूध को फोड़े-फुंसी या घाव पर लगाने से जल्दी आराम मिलता है. इसके पत्तों का लेप त्वचा रोगों को कम करने में सहायक होता है.

गुलर की छाल का काढ़ा यानी चाय मुंह के छालों से परेशान लोगों के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है. इससे कुल्ला करने पर छाले और मसूड़ों की सूजन तक में राहत मिलती है. यह एक शानदार , आसान घरेलू उपाय है, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के आराम दे सकती हैं.

गूलर रक्त से जुड़ी समस्याओं में भी बहुत लाभकारी और गुणकारी है. यह शरीर के पित्त दोष को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है और खून को शुद्ध करने में सहायक होता है. इससे शरीर के अंदरूनी संतुलन को बनाए रखने में मदद मिलती है, जिससे कई रोग दूर हो सकते हैं.

गूलर का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है. इसके पके फल सीधे खाए जा सकते हैं, जबकि कच्चे गूलर की सब्जी भी बेहद स्वादिष्ट और मजेदार बनाई जाती है. इसके छाल का काढ़ा और दूध का लेप भी बहुत असरदार है. लेकिन इसके इस्तेमाल से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए, वरना किन्हीं परिस्थितियों में यह हानिकारक भी हो सकता है.





