‘वो द‍िखावा कर रहे, हमारी डील अच्‍छी चल रही’, ईरान के बातचीत से इनकार करने पर व्‍हाइट हाउस का दावा


व्हाइट हाउस ने ईरान युद्ध को लेकर सोमवार को फ‍िर उम्मीद जताई है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा, ईरान की लीडरश‍िप या जो भी बचे हुए हैं, वो बातचीत करने के लिए बेताब हैं. हालांकि, सार्वजनिक तौर पर ईरानी अधिकारियों ने इस बात को कोई खास तवज्जो नहीं दी है कि बातचीत कितनी आगे पहुंची है. उनका कहना है कि युद्ध लड़ रहे दोनों पक्षों के बीच जो भी संदेश भेजे जा रहे हैं, वे बिचौलियों के जरिए ही आ-जा रहे हैं. व्‍हाइट हाउस ने इस बार पर जोर दिया क‍ि ईरानी नेता बातचीत से इनकार करने वाले बयान सिर्फ भ्रम फैलाने के ल‍िए दे रहे हैं. वे द‍िखावा कर रहे हैं.

लेविट से पूछा गया कि ईरान के साथ युद्ध की मौजूदा समय-सीमा के बारे में राष्ट्रपति क्या सोच रहे हैं. उन्होंने बताया कि ट्रंप ने शुरुआत से ही कहा है कि ईरान में यह ऑपरेशन कुल मिलाकर लगभग चार से छह हफ्ते तक चलेगा, और वह अब भी इसी बात पर कायम हैं. लेविट ने आगे कहा, आज युद्ध का 30वां दिन है.

क्या अमेरिका ईरान में सही लोगों से बात कर रहा है?

एक रिपोर्टर ने लेविट से पूछा कि अमेरिका को इस बात का कितना भरोसा है कि वे जिन लोगों से बात कर रहे हैं वे वैध हैं और वास्तव में सत्ता चला रहे हैं? दरअसल, राष्ट्रपति ने इससे पहले कहा था कि वे एक नए और ज्यादा समझदार शासन से बात कर रहे हैं. इस पर प्रेस सेक्रेटरी ने कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि इसमें शामिल लोगों की जवाबदेही तय हो. उन्होंने यह भी कहा कि वे जिन लोगों से बात कर रहे हैं, वे पिछले नेताओं की तुलना में पर्दे के पीछे ज्यादा समझदार लगते हैं.

ट्रंप ने दी 10 दिन की मोहलत

लेविट ने बताया कि ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा ढांचे पर होने वाले संभावित हमलों को टालने के लिए 10 दिन की रोक लगाई है. उन्होंने कहा, ईरान के शासन के लिए अमेरिका के साथ एक अच्छी डील करने का यह वास्तव में पीढ़ियों में मिलने वाला एक दुर्लभ मौका है. लेविट ने चेतावनी दी कि अगर ईरान यह मौका गंवाता है, तो अमेरिकी सेना स्टैंडबाय पर है और वह ट्रंप को “हर संभव विकल्प देने के लिए तैयार है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह शासन भारी कीमत चुकाता रहे.

ईरान के इनकार पर व्हाइट हाउस का जवाब

कैरोलिन लेविट ने उन रिपोर्टों का भी जवाब दिया जिनमें ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार किया था. उनका कहना है कि ईरानी शासन के सार्वजनिक दिखावे और न्यूज मीडिया की झूठी रिपोर्टिंग के बावजूद, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी भी चल रही है और अच्छे से आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि निजी बातचीत उस चीज से बिल्कुल अलग होती है जो जनता के सामने कही जाती है.

होर्मुज खोलने की कोशिश जारी

लेविट से पूछा गया कि अगर युद्ध में अमेरिका के लक्ष्य पूरे हो जाते हैं, लेकिन होरमुज से गुजरना मुश्किल बना रहता है, तो क्या राष्ट्रपति सैन्य अभियान रोक देंगे? उन्होंने जवाब दिया कि अमेरिका के मुख्य उद्देश्य वही हैं – ईरानी नौसेना और बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करना, उन हथियारों को बनाने वाले रक्षा ढांचे को खत्म करना और ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना. उन्होंने स्पष्ट किया कि होर्मुज को फिर से खोलना एक ऐसा लक्ष्य है जिस पर अमेरिका काम कर रहा है, लेकिन युद्ध के जो मूल उद्देश्य हैं, वे बिल्कुल साफ और तय हैं.



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img