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Sidhi News: महुआ की डोभरी (Mahua Dobhari Recipe) की रेसिपी बहुत आसान है. इसके लिए सबसे पहले सूखे महुआ को साफ पानी से धो लिया जाता है. फिर इसे गर्म पानी में डालकर 1 से 2 घंटे तक उबाला जाता है.
सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र की रसोई अपने देसी स्वाद के लिए जानी जाती है. बघेलखंड के ग्रामीण क्षेत्र में मौसम के अनुसार बनने वाले व्यंजन आज भी लोगों की थाली में खास जगह रखते हैं. गर्मी के मौसम में खासतौर पर महुआ से बनने वाले पकवानों की धूम रहती है. इन्हीं में से एक है महुआ की डोभरी (डुबरी) जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. सीधी निवासी प्रियंका सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि विंध्य क्षेत्र में महुआ के फूलों से बनने वाली डोभरी आज भी लोगों की पसंद बनी हुई है. इसे दही के साथ बड़े चाव से खाया जाता है और इसे ताकत का भंडार भी माना जाता है. ग्रामीण इलाकों में लोग महुआ के फूलों को मार्च महीने से ही इकट्ठा करना शुरू कर देते हैं, जब पेड़ों से छोटे-छोटे पीले फूल गिरने लगते हैं. सुबह-सुबह ग्रामीण इन्हें बीनकर घर लाते हैं और बाद में सुखाकर सुरक्षित रख लेते हैं ताकि सालभर इसका उपयोग किया जा सके.
प्रियंका सिंह ने कहा कि महुआ की डोभरी बनाने की प्रक्रिया भी बेहद सरल है. इसके लिए सबसे पहले सूखे महुआ को साफ पानी से धोया जाता है. फिर इसे गर्म पानी में डालकर करीब 1 से 2 घंटे तक उबाला जाता है. उबलने के बाद महुआ नरम होकर मीठा और स्वादिष्ट हो जाता है, जिसे डोभरी के रूप में तैयार किया जाता है. खास बात यह है कि इसमें अलग से शक्कर या गुड़ डालने की जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि सूखा महुआ खुद ही प्राकृतिक रूप से मीठा होता है. ग्रामीण लोग इसे दही या दूध के साथ खाना पसंद करते हैं. पहले के समय में किसान इसे सुबह-शाम के नाश्ते में खाते थे और खेतों में काम करने के लिए निकल जाते थे. दिनभर की मेहनत के बाद भी यह डिश उन्हें ऊर्जा से भरपूर रखती थी.
पेट को ठंडक पहुंचाती महुआ की डोभरी
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ आरपी परौहा के अनुसार, महुआ की डोभरी गर्मी के मौसम में शरीर के लिए बेहद लाभकारी होती है. दही के साथ इसका सेवन शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है, पेट को ठंडक पहुंचाता है और पाचन को बेहतर बनाता है. इसमें मौजूद कैल्शियम, आयरन और विटामिन जैसे पोषक तत्व इम्युनिटी बढ़ाने, एनीमिया दूर करने और जोड़ों के दर्द में राहत देने में मदद करते हैं.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.





