अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की जंग और इस कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से उभरे ऊर्जा संकट के बीच भारत ने श्रीलंका को बड़ी राहत दी है. भारत ने आपातकालीन मदद के तौर पर कुल 38,000 मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पाद श्रीलंका को सप्लाई किए, जिसमें 20,000 मीट्रिक टन डीजल और 18,000 मीट्रिक टन पेट्रोल शामिल है. इस मदद के बाद श्रीलंका ने खुले तौर पर भारत का आभार जताया है.
चीन ने नहीं दी अब तक कोई मदद
यहां गौर करने वाली बात यह है कि श्रीलंका ने इसी साल जनवरी में चीन के नियंत्रण वाले हंबनटोटा बंदरगाह के पास 200,000 बैरल क्षमता वाली तेल रिफाइनरी बनाने के लिए चीन की सरकारी ऊर्जा कंपनी सिनोपेक के साथ 3.7 अरब डॉलर का समझौता किया था. हालांकि होर्मुज स्ट्रेट बंद से उभरे इस संकट के बीच चीन ने अब तक कोई मदद नहीं दी है. ऐसे में प्रेमदासा के इस एक्स पोस्ट को चीन की परोक्ष आलोचना की तरह देखा जा रहा है.
दरअसल, पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते कई अंतरराष्ट्रीय सप्लायर्स ने ‘फोर्स मेज्योर’ का हवाला देते हुए ईंधन की आपूर्ति करने से मना कर दिया था. जहाजों की कमी और समुद्री रास्तों में बाधा के कारण श्रीलंका के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया था. ऐसे में भारत ने तुरंत आगे बढ़कर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के जरिए आपातकालीन सप्लाई उपलब्ध कराई.
श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने की थी बात
इससे पहले 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार डिसानायके के बीच फोन पर बातचीत भी हुई थी, जिसमें पश्चिम एशिया के हालात, सप्लाई चेन में रुकावट और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा हुई थी. वहीं 23 मार्च को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ के बीच भी बातचीत हुई थी.
श्रीलंका में ईंधन संकट का असर साफ दिख रहा है. इस द्वीपीय देश ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25% तक बढ़ोतरी की है. पेट्रोल की कीमत बढ़ाकर 398 रुपये प्रति लीटर और डीजल 382 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. हालात इतने गंभीर हो गए कि सरकार ने चार दिन का वर्किंग वीक लागू कर दिया और वर्क फ्रॉम होम को भी बढ़ावा दिया है.
होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई होती है, उसके बंद होने से हालात और बिगड़ गए हैं. श्रीलंका पूरी तरह आयातित तेल पर निर्भर है, ऐसे में भारत की यह मदद उसके लिए संजीवनी साबित हुई है.
कुल मिलाकर इस संकट की घड़ी में भारत ने न सिर्फ एक पड़ोसी देश की मदद की, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर अपनी मजबूत कूटनीतिक और मानवीय भूमिका भी साबित की है, जिसके लिए श्रीलंका आज खुले दिल से भारत को सलाम कर रहा है.





