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बेंगलुरु: कहते हैं बिरयानी चिज ही ऐसी है एक बार पसंद आ जाए तो कमजोरी बन जाती है. लेकिन क्या बिरयानी की तलब किसी की जान ले सकती है. तो हां बिरयानी की तलब किसी की जान भी ले सकती है. बेंगलुरु में एक ऐसी घटना घटी है जिसे पढ़कर आप हैरान रह जाएंगे. एक प्लेट बिरयानी खाने की ख्वाहिश, दोस्तों के साथ रात की सैर और थोड़ी सी लापरवाही इन तीनों ने मिलकर तीन घरों के चिराग बुझा दिए. बेंगलुरु में हुआ यह दर्दनाक हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि युवाओं के लिए एक कड़वी चेतावनी है कि सड़क पर हर फैसला सोच-समझकर लेना कितना जरूरी है. आधी रात को तेज रफ्तार में बाइक चलाना, बिना सुरक्षा के हाईवे पर निकल जाना. ये सब छोटी गलतियां लग सकती हैं, लेकिन इनकी कीमत जिंदगी से चुकानी पड़ती है.
यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या एक पल का रोमांच, एक छोटी सी भूख या अचानक बना प्लान इतना बड़ा जोखिम लेने लायक है? तीनों दोस्त शायद यह नहीं जानते थे कि उनकी यह रात आखिरी साबित होगी. परिवार अब सदमे में हैं और सवाल वही है कि क्या यह हादसा टाला जा सकता था? जवाब है, हां. अगर सावधानी बरती जाती, तो शायद तीन जिंदगियां बच सकती थीं.
आधी रात की सवारी बनी मौत का सफर
बेंगलुरु-मैंगलोर नेशनल हाईवे पर नेलमंगला तालुक के सोलूर के पास मारूर हैंड पोस्ट के नजदीक यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ, जब तीन दोस्त देर रात बाइक से मालवल्ली की मशहूर बिरयानी खाने के लिए निकले थे. सुनसान हाईवे, तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के बीच उनकी बाइक अचानक एक तेज गति से आ रही लॉरी की चपेट में आ गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवकों को संभलने का कोई मौका ही नहीं मिला.
हादसा कैसे हुआ?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर देर रात बेंगलुरु से मालवल्ली की ओर जा रहे थे. हाईवे पर तेज रफ्तार के बीच उनकी बाइक को एक लॉरी ने टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई. यह हादसा दर्शाता है कि रात में हाईवे पर भारी वाहनों के बीच बाइक चलाना कितना जोखिम भरा हो सकता है.
मृतक कौन थे और क्या करते थे?
इस हादसे में जान गंवाने वाले तीनों युवक मनोज (21), अभि (21) और नवीन (22) करीबी दोस्त थे और बेंगलुरु के आचार्य और सप्तगिरि कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे थे. वे सामान्य छात्र जीवन जी रहे थे और एक साधारण सी इच्छा बिरयानी खाने के लिए निकले थे. लेकिन यह छोटी सी योजना उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गई.
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे का मुख्य कारण तेज रफ्तार और हाईवे पर भारी वाहनों की मौजूदगी थी. साथ ही, एक बाइक पर तीन लोगों का सवार होना भी जोखिम को बढ़ाता है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और लॉरी चालक की तलाश जारी है. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है.
- दुर्घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर ही तीनों युवकों ने दम तोड़ दिया. स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. नेलमंगला पब्लिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए. घटना की खबर मिलते ही परिवार और दोस्तों में कोहराम मच गया.
- परिजनों का कहना है कि उनके बच्चे सिर्फ बिरयानी खाने के लिए घर से निकले थे और उन्हें क्या पता था कि वे कभी वापस नहीं लौटेंगे. माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है. यह हादसा न सिर्फ तीन परिवारों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ा झटका है.
लापरवाही की कीमत… जिंदगी
यह घटना साफ बताती है कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा बन सकती है. तेज रफ्तार, ओवरलोड बाइक और रात में लंबी दूरी की यात्रा इन सभी कारकों ने मिलकर इस हादसे को और गंभीर बना दिया. पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और खासकर रात में हाईवे पर सावधानी बरतें.





