चांद पर गिरने वाला है 4500 किलो का ‘भटका दैत्य’, एलन मस्क ने छोड़ा था रॉकेट, क्या धरती से दिखेगी टक्कर?


Last Updated:

Elon Musk Moon Mission: एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का एक अनियंत्रित हो चुका रॉकेट स्टेज बुधवार को करीब 8,700 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चंद्रमा से टकराएगा. वैज्ञानिक इस घटना का अध्ययन करेंगे, लेकिन इसे अंतरिक्ष में बढ़ते स्पेस कचरे और भविष्य के चंद्रमा मिशन के लिए चेतावनी भी मान रहे हैं.

Zoom

चंद्रमा पर स्पेस एक्स का रॉकेट क्रैश होने जा रहा है.

Moon Rocket Crash: अंतरिक्ष में छोड़ा गया हर रॉकेट अपने मिशन के साथ खत्म नहीं हो जाता. कई बार उसका एक हिस्सा वर्षों तक बिना किसी नियंत्रण के अंतरिक्ष में भटकता रहता है. अब ऐसा ही एक SpaceX रॉकेट का अपर स्टेज बुधवार यानी 5 अगस्त को चंद्रमा से टकराने वाला है. यह कोई प्लान किया हुआ मिशन नहीं है, बल्कि एक अनप्लान्ड टक्कर है, जिसने वैज्ञानिकों का ध्यान भी खींचा है और भविष्य के चंद्रमा से जुड़े मिशन को लेकर नई चिंता भी पैदा कर दी है. स्पेस ट्रैकिंग एक्सपर्ट बिल ग्रे के मुताबिक यह रॉकेट का हिस्सा करीब 8,700 किलोमीटर प्रति घंटा (5,400 मील प्रति घंटा) की रफ्तार से चंद्रमा के आइंस्टीन क्रेटर के पास टकराएगा. टक्कर इतनी तेज होगी कि इसकी ऊर्जा करीब तीन टन TNT के विस्फोट के बराबर मानी जा रही है.

आखिर यह रॉकेट भटका कैसे?

यह रॉकेट स्टेज 15 जनवरी 2025 को दो निजी चंद्रमा मिशनों को लेकर लॉन्च हुआ था. इनमें फायरफ्लाई एयरोस्पेस का ब्लू घोस्ट लैंडर सफलतापूर्वक चांद पर उतर गया था, जबकि जापान की कंपनी आई स्पेस का लैंडर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. मिशन पूरा होने के बाद रॉकेट के इस हिस्से को किसी सुरक्षित कक्षा या सूर्य की परिक्रमा वाली कक्षा में भेजा जा सकता था. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके बाद यह करीब डेढ़ साल तक अंतरिक्ष में अनियंत्रित तरीके से घूमता रहा और अब इसकी कक्षा चंद्रमा से टकराने की स्थिति में पहुंच गई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह दुर्घटना SpaceX की योजना का हिस्सा नहीं थी, बल्कि अंतरिक्ष में बढ़ते अनियंत्रित मलबे (Space Debris) का नतीजा है.

अंतरिक्ष का कचरा बढ़ाएगा खतरा?

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस एक टक्कर से फिलहाल कोई बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन यह घटना एक बड़ी समस्या की ओर इशारा करती है. स्पेस ट्रैकिंग विशेषज्ञ बिल ग्रे कहते हैं, ‘अंतरिक्ष अब पहले की तुलना में कहीं ज्यादा भीड़भाड़ वाला हो गया है.’ लॉस एलामोस नेशनल लैब के वैज्ञानिक बेंजामिन फर्नांडो का कहना है कि अभी यह टक्कर चिंता का विषय नहीं है, लेकिन जब भविष्य में चंद्रमा पर इंसानों के स्थायी बेस बनेंगे, तब इस तरह का अनियंत्रित स्पेस जंक बड़ा खतरा बन सकता है. उनके मुताबिक इस घटना की स्टडी करना जरूरी है ताकि यह समझा जा सके कि भविष्य में ऐसे टकराव अंतरिक्ष यात्रियों और चंद्रमा के ठिकानों के लिए कितने जोखिम भरे हो सकते हैं.

क्या धरती से दिखाई देगा धमाका?

एक्सपर्ट्स के अनुसार टक्कर से पैदा होने वाली चमक एक सेकंड से भी कम समय के लिए रहेगी और संभव है कि सामान्य आंखों से दिखाई भी न दे. हालांकि टक्कर के बाद उठने वाली धूल और मलबे का गुबार कई किलोमीटर तक फैल सकता है, जिसे कुछ मिनट तक अच्छी क्वालिटी के टेलीस्कोप से देखा जा सकेगा. अमेरिका के पूर्वी हिस्से, कनाडा और दक्षिण अमेरिका के कई इलाकों में रहने वाले लोगों के पास इस घटना के बाद का दृश्य देखने का बेहतर मौका होगा.

टक्कर के बाद क्या होगा?

इस टक्कर से बनने वाला गड्ढा लगभग 27 मीटर चौड़ा और 5 मीटर गहरा हो सकता है. यह पृथ्वी से दिखाई नहीं देगा, लेकिन चंद्रमा की परिक्रमा कर रहे यान इसकी तस्वीरें लेंगे. नासा का Lunar Reconnaissance Orbiter (LRO) और दक्षिण कोरिया का Danuri Orbiter टक्कर से पहले और बाद की तस्वीरें लेकर तुलना करेंगे. वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि चंद्रमा की सतह पर बड़े टकराव के बाद धूल और मलबा किस तरह फैलता है.

दूसरी बार होगा ऐसा हादसा

यह पहली बार नहीं है जब इंसानों की ओर से छोड़ा गया अंतरिक्ष मलबा गलती से चंद्रमा से टकराएगा. 2022 में भी चीन के एक बंद पड़े रॉकेट का हिस्सा चंद्रमा के पिछले हिस्से में जाकर टकराया था, जिससे दो गड्ढे बन गए थे. अब यह दूसरी ऐसी दर्ज घटना होगी. वहीं अपोलो मिशन के दौरान नासा ने जानबूझकर ऐसा क्रैश कराया था, ताकि पता चल सके कि चांद पर भूकंप कैसा होगा.

About the Author

authorimg

Yogendra Mishra

Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…

और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img