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Ajmer Soni Ji Nasiyan Religious Place: अजमेर स्थित सोनी जी की नसियां जैन धर्म का प्रसिद्ध और ऐतिहासिक तीर्थ स्थल है, जो अपनी भव्य स्थापत्य कला और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है. करीब 165 वर्ष पुरानी इस नसीया का निर्माण सरसेठ रायबहादुर श्री मूलचंद जी सोनी ने करवाया था. यहां बना 84 फीट ऊंचा मान स्तंभ इसकी सबसे बड़ी पहचान माना जाता है, जिसे बिना सीमेंट के चूना, गोंद और गुड़ के मिश्रण से तैयार किया गया था. मान स्तंभ की चारों दिशाओं में जैन तीर्थंकरों की सुंदर प्रतिमाएं स्थापित हैं, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराती हैं.
अजमेर. राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित सोनी जी की नसियां शहर की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण केंद्र मानी जाती है. जैन धर्म से जुड़ा यह प्रसिद्ध तीर्थ स्थल अपनी अद्भुत स्थापत्य कला, धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक विरासत के कारण देशभर में खास पहचान रखता है. लाल पत्थरों से निर्मित यह भव्य नसियां श्रद्धालुओं के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करती है.
सोनी जी की नसियां की देखरेख से जुड़े सदस्यों ने बताया कि यह नसीया करीब 165 वर्ष पुरानी है. इसका निर्माण सरसेठ रायबहादुर श्री मूलचंद जी सोनी द्वारा करवाया गया था. इस धार्मिक स्थल की वास्तुकला पारंपरिक भारतीय शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती है. यहां पहुंचते ही श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और भक्ति का विशेष अनुभव होता है. मंदिर परिसर की भव्यता और शांत वातावरण लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है.
84 फीट ऊंचा भव्य मान स्तंभ है तीर्थस्थल की खास पहचान
इस तीर्थ स्थल की सबसे खास पहचान यहां बना 84 फीट ऊंचा भव्य मान स्तंभ है, जो अपनी अनोखी निर्माण शैली के कारण विशेष महत्व रखता है. खास बात यह है कि इसके निर्माण में सीमेंट का उपयोग नहीं किया गया था. इसे पारंपरिक तकनीक के जरिए चूना, गोंद और गुड़ के मिश्रण से तैयार किया गया है. यह उस दौर की अद्भुत इंजीनियरिंग और शिल्पकला का शानदार उदाहरण माना जाता है. वर्षों बाद भी यह मान स्तंभ मजबूती के साथ खड़ा है और यहां आने वाले लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है.
चारों दिशाओं में स्थापित हैं सुंदर प्रतिमाएं
मान स्तंभ की चारों दिशाओं में जैन धर्म के प्रमुख तीर्थंकरों की सुंदर प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं. पहली दिशा में भगवान ऋषभनाथ की प्रतिमा विराजमान है, दूसरी दिशा में भगवान चंद्रप्रभु की प्रतिमा स्थापित है. तीसरी दिशा में भगवान शांतिनाथ और चौथी दिशा में भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमाएं श्रद्धालुओं को दर्शन देती हैं. इन प्रतिमाओं की कलात्मक सुंदरता और धार्मिक महत्व श्रद्धालुओं को गहरी आध्यात्मिक अनुभूति कराते हैं.
अजमेर में सोनी जी की नसियां का जरूर करें दर्शन
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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें





