ईरान क्यों करता है अमेरिका पर भरोसा? डोनाल्ड ट्रंप पर बरसे मौलाना साजिद रशीदी


होमताजा खबरदेश

ईरान क्यों करता है अमेरिका पर भरोसा? डोनाल्ड ट्रंप पर बरसे मौलाना साजिद रशीदी

Last Updated:

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर सियासी और धार्मिक हलकों से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं. मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना साजिद रशीदी ने ट्रंप पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनके बयानों पर भरोसा करना सबसे बड़ी भूल होगी.

Zoom

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ अमेरिका का सीजफायर अब टूट गया है. (रॉयटर्स)

नई दिल्ली. अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बढ़ते तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों पर मौलाना साजिद रशीदी ने ट्रंप की तीखी आलोचना की. उन्होंने कहा कि ट्रंप के बयानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि वे समय-समय पर अपने रुख बदलते रहे हैं. ट्रंप ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी अलग-अलग समय पर अलग-अलग बयान दिए हैं, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं. उनकी समझ से बाहर है कि ईरान बार-बार अमेरिका की बातों पर भरोसा क्यों करता है. ईरान के शीर्ष नेताओं पर हुए हमलों के बाद भी ईरान की ओर से अपेक्षित जवाब नहीं दिखा. ईरान को अपने नेताओं की हत्या का जवाब देना चाहिए और अमेरिका और इजरायल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाना चाहिए.

अमेरिका ने बृहस्पतिवार तड़के ईरान पर फिर से हवाई हमले किए जिसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और कतर को निशाना बनाया. इस हालिया घटनाक्रम से फारस की खाड़ी में युद्ध समाप्त कराने के उद्देश्य से किए गए अंतरिम समझौते पर फिर खतरा मंडराने लगा है. ये हमले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के कुछ घंटों बाद हुए जिसमें उन्होंने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट में पोतों पर ईरान के हालिया हमलों से यह संकेत मिलता है कि नाजुक युद्धविराम समाप्त हो गया है.

इससे पहले, अमेरिका ने बुधवार तड़के ईरान द्वारा ओमान के तट के पास कई वाणिज्यिक पोतों को निशाना बनाए जाने के बाद कई सैन्य स्थलों और बंदरगाह केंद्रों पर हमले किए थे. इसके बाद ईरान ने भी बुधवार को जवाबी हमला किया था लेकिन खाड़ी देशों पर बृहस्पतिवार हुए हमले कहीं अधिक बड़े प्रतीत हुए.

बहरीन में कम से कम दो बार सायरन बजे. बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय है. खाड़ी के इन तीन अरब देशों में किसी नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है. कुवैत की सेना ने कहा कि वह ड्रोन और मिसाइलों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रोकने के लिए सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है. ईरान के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने बहरीन और कुवैत पर हमलों का दावा किया है.

About the Author

authorimg

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img