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periods pain home remedies: पीरियड्स का दर्द हो तो महिलाएं खाना-पीना तक छोड़ देती हैं. मन चिड़चिड़ा सा होता रहता है. आप इस दर्द को सौंफ से बनी चाय को पीकर कम कर सकती हैं. ये सौंफ की चाय प्राकृतिक रूप से पाचन के लिए लाभकारी माना जाता है. इसमें मौजूद गुण गैस, पेट फूलना और ऐंठन जैसी परेशानियों को कम करने में मदद करते हैं. खासकर पीरियड्स के दौरान होने वाली असहजता में सौंफ की चाय पेट को शांत करने और पाचन को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकती है.
ये हर्बल टी पीरियड्स के दर्द को तुरंत करे कम.
पीरियड्स के दौरान पेट में ऐंठन, गैस, सूजन और भारीपन जैसी समस्याएं महिलाओं में आम होती हैं. ऐसे समय में सौंफ की चाय एक आसान और असरदार घरेलू उपाय साबित हो सकती है. यह चाय न केवल स्वाद में अच्छी होती है, बल्कि पेट को आराम देने और शरीर को हल्का महसूस कराने में भी मदद करती है.
पेट की ऐंठन और ब्लोटिंग में क्यों फायदेमंद है सौंफ?
सौंफ को प्राकृतिक रूप से पाचन के लिए लाभकारी माना जाता है. इसमें मौजूद गुण गैस, पेट फूलना और ऐंठन जैसी परेशानियों को कम करने में मदद करते हैं. खासकर पीरियड्स के दौरान होने वाली असहजता में सौंफ की चाय पेट को शांत करने और पाचन को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकती है.
सौंफ में मौजूद गुण शरीर को कैसे पहुंचाते हैं फायदा?
National Institute of Ayurveda के अनुसार, सौंफ में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और दर्द कम करने वाले गुण पाए जाते हैं. यह शरीर में सूजन को घटाने, अतिरिक्त पानी बाहर निकालने और पाचन तंत्र को संतुलित रखने में मदद कर सकती है. नियमित रूप से सीमित मात्रा में सेवन करने से गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है.
सौंफ की चाय के अन्य फायदे
शरीर को तरोताजा महसूस कराए
हार्मोन संतुलन को सपोर्ट करे
वजन नियंत्रण में सहायक है
त्वचा की चमक बनाए रखने में मददगार
सांस संबंधी हल्की परेशानियों में दिलाए आराम
घर पर ऐसे बनाएं सौंफ की चाय
1 कप पानी लें. उसमें 1 चम्मच सौंफ डालें. 5 से 10 मिनट तक इसे उबालें. फिर छानकर गर्म-गर्म पिएं. आप चाहें तो स्वाद के लिए इसमें थोड़ा शहद भी मिला सकते हैं. इसे भोजन के बाद या पेट में भारीपन महसूस होने पर पीना फायदेमंद माना जाता है.
सेवन करते समय रखें ये सावधानियां
सौंफ की चाय सामान्य मात्रा में पीना सुरक्षित माना जाता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए. गर्भवती महिलाओं और किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को नियमित सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहता है.
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अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें





