ममता बनर्जी ने आगे कहा कि, “कुछ लोगों को धमकाया जा रहा है, तो कुछ को प्रलोभन दिया जा रहा है। लेकिन तृणमूल कांग्रेस को इतनी आसानी से तोड़ा नहीं जा सकता। हमारी असली ताकत हमारे कार्यकर्ताओं और समर्थकों में है।
ऋतब्रत बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “ऐसे लोगों को टिकट देना एक गलती थी। हमने उन पर भरोसा किया, उन्हें मौके दिए और ज़िम्मेदारियां सौंपी। आज वे उस भरोसे का बदला धोखे से चुका रहे हैं।” उनके वफ़ादार कुणाल घोष ने इन दोनों को “गद्दार” बताया, जिन्होंने पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुने जाने के एक महीने से भी कम समय में अपनी ही पार्टी पर हमला करना शुरू कर दिया। घोष ने तीखे शब्दों में कहा, “अगर उन्हें इतनी ही दिक्कत थी, तो उन्होंने तृणमूल के टिकट पर चुनाव क्यों लड़ा? पार्टी के अंदरूनी मुद्दों पर पार्टी के भीतर ही चर्चा होनी चाहिए, न कि उन्हें पार्टी के खिलाफ हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए।”
ममता बनर्जी के वफ़ादार लोगों का कहना है कि ऋतब्रत बनर्जी की एक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें वे नई दिल्ली के ‘बंगा भवन’ में शुभेंदु अधिकारी के साथ बातचीत करते नज़र आ रहे थे। यह तस्वीर उस समय की है, जब अधिकारी शपथ ग्रहण से पहले नई दिल्ली में लोगों का आभार व्यक्त करने के लिए आए थे। इन लोगों का आरोप है कि बनर्जी ने बीजेपी में शामिल होने की संभावना पर विचार किया था, लेकिन उन्हें तृणमूल के विधायक दल में ही बने रहने और अपने लिए ‘नेता प्रतिपक्ष’ का पद हासिल करने की कोशिश करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।




