वैशाली पर्यटन बना रोजगार का सहारा, दार्जिलिंग की सुनीता की यहां बदल गई तकदीर


Last Updated:

Vaishali Tourism Economy: वैशाली में पर्यटन से स्थानीय लोगों और छोटे कारोबारियों को रोजगार मिल रहा है. दार्जिलिंग की सुनीता लामा मोमोज बेचकर अच्छी कमाई कर रही हैं. आइये जानते हैं उनकी सफलता के बारे में.

ख़बरें फटाफट

वैशाली: बिहार में वैशाली की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत अब केवल देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने तक सीमित नहीं रह गई है. बल्कि यह सैकड़ों लोगों के लिए रोजगार और आजीविका का मजबूत आधार भी बनती जा रही है. भगवान बुद्ध और भगवान महावीर से जुड़े इस ऐतिहासिक स्थल पर हर दिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं. जहां पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से आए छोटे कारोबारियों की भी अच्छी कमाई हो रही है.

इसी का एक प्रेरणादायक उदाहरण पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग की रहने वाली सुनीता लामा हैं. सुनीता अपनी बेटी समीक्षा लामा के साथ वैशाली में किराये के मकान में रहकर पर्यटन स्थल के समीप मोमोज की दुकान चला रही हैं. उनका कहना है कि जब वह पहली बार वैशाली आई थीं, तब उन्हें उम्मीद नहीं थी कि यहां उन्हें इतना अच्छा रोजगार मिलेगा, लेकिन पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या ने उनकी जिंदगी बदल दी.

सुनीता बताती हैं यहां रोजाना देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों से भी पर्यटक वैशाली घूमने आते हैं. इनमें से बड़ी संख्या में लोग उनके स्टॉल पर मोमोज का स्वाद लेने पहुंचते हैं. वहीं, छुट्टियों और त्योहारों के दौरान बिक्री और भी अधिक बढ़ जाती है, जिससे उनकी आमदनी में अच्छा इजाफा होता है. उन्होंने बताया कि मोमोज की बिक्री से परिवार का खर्च आसानी से चल रहा है और बेटी के भविष्य को लेकर भी अब उन्हें भरोसा मिला है.

सुनीता कहती हैं कि बिहार आकर उन्हें काफी अपनापन मिला है. यहां के लोगों का सहयोग और स्नेह उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. यही वजह है कि अब वह वैशाली को अपना दूसरा घर मानने लगी हैं. वैशाली में पर्यटन का विस्तार केवल ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण तक सीमित नहीं है. बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति दे रहा है

ऐसे में यहां होटल, रेस्टोरेंट, ठेला, हस्तशिल्प और छोटे खाद्य व्यवसायों से जुड़े लोग लगातार लाभान्वित हो रहे हैं. यहां सुनीता लामा जैसी कई कहानियां इस बात का प्रमाण हैं कि पर्यटन केवल दर्शनीय स्थलों की पहचान नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी बदलने वाला एक सशक्त माध्यम भी बन चुका है.

About the Author

Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com<…

और पढ़ें





Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img