वॉशिंगटन: ईरान को अपनी ‘वॉल ऑफ स्टील’ का डर दिखा रहे ट्रंप, अपने सैनिकों का दर्द नहीं देख पा रहे हैं. खबर है कि ट्रंप ने जिन लोगों को ईरानी पोर्ट्स की नाकेबंदी में लगा रखा है, उनकी हालत बहुत खराब है. दुनिया के सबसे ताकतवर एयरक्राफ्ट कैरियर में से एक ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ पर सवार करीब 5,000 अमेरिकी सैनिक इस वक्त भयंकर डिप्रेशन से गुजर रहे हैं. जंग में फंसे इन सैनिकों की समंदर में तैनाती की सीमा लगातार बढ़ाई जा रही है, जिसकी वजह से जहाज पर मानसिक बीमारी चरम पर पहुंच चुकी है. हालात इतने बिगड़ गए हैं कि जहाज से कई सैनिकों द्वारा समंदर में कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की है.
9 महीनों से घर जाने का इंतजार कर रहे अमेरिकी सैनिक
अमेरिकी सेना के बड़े अखबारों ‘नेवी टाइम्स’ और ‘स्टार्स एंड स्ट्राइप्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, लिंकन युद्धपोत पर सैनिकों की हालत अब बर्दाश्त के बाहर हो गई है. ये एयरक्राफ्ट कैरियर पिछले 9 महीनों से लगातार समंदर में ही चक्कर काट रहा है. इसने बिना जमीन पर पैर रखे लगातार 250 दिन पूरे कर लिए हैं. आधुनिक इतिहास में किसी भी अमेरिकी विमानवाहक पोत का इतने लंबे समय तक समंदर में रहना अपने आप में एक खौफनाक रिकॉर्ड है.
‘काश कल सुबह मेरी आंख न खुले’ : सैनिकों के परिवार का दर्द
सैन डिएगो में जब अमेरिकी नौसेना के आला अधिकारियों ने सैनिकों के परेशान परिजनों के साथ एक ‘टाउन हॉल’ मीटिंग रखी, तो वहां का माहौल भी बेहद गमगीन हो गया. करीब 200 परिजनों ने अधिकारियों के सामने अपनी भड़ास निकाली और अपनों की जान बचाने की गुहार लगाई.
बैठक में एक सैनिक की पत्नी ने रोते हुए बताया कि उसके पति ने जहाज से मैसेज भेजा है कि ‘अब बस और नहीं सहा जाता, दुआ करो कि कल सुबह मेरी आंख ही न खुले’. वहीं एक दूसरी महिला ने सीधे एक्टिंग नेवी सेक्रेटरी हंग काओ के मुँह पर कह दिया कि नौसेना ने सैनिकों और उनके परिवारों का भरोसा पूरी तरह से तोड़ दिया है.
‘नेवी टाइम्स’ ने जहाज पर खुदकुशी की नाकाम कोशिशों की खौफनाक कहानी बताई है. एनाबेले लोमा नाम की महिला ने बताया कि लगातार ड्यूटी बढ़ाए जाने से उनका पति बुरी तरह टूट चुका था. इसी डिप्रेशन में उसने समंदर में कूदने की कोशिश की. एनाबेले कहती हैं, ‘मेरा पति बहुत डरा हुआ है. उसे डर लग रहा है कि मानसिक तनाव की वजह से उसका 13 साल का करियर पल भर में तबाह हो जाएगा’. वहीं एक दूसरी सैनिक की पत्नी ने बताया कि उनके पति ने एक साथी जवान को समंदर में छलांग लगाने से ठीक पहले पकड़कर बचा लिया.
USS Abraham Lincoln पर सड़ा हुआ खाना, बंद टॉयलेट
इस विशाल युद्धपोत पर सिर्फ मानसिक ही नहीं, बल्कि बेहद शर्मनाक शारीरिक और बुनियादी दिक्कतें भी खड़ी हो गई हैं. कैलिफोर्निया से अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य माइक लेविन ने ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ के भयानक हालातों का खुलासा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले 5 महीनों से ईरान के खिलाफ जंग में डटे इस जहाज की हालत किसी नरक से कम नहीं है.
माइक लेविन के मुताबिक, जहाज पर शौचालय पूरी तरह टूटे पड़े हैं और काम नहीं कर रहे हैं. बाथरूम में काई जमी हुई है और हफ्तों से गरम पानी नहीं आ रहा. कपड़े धोने की मशीनें महीनों से बंद हैं. सैनिकों को खाने के नाम पर सिर्फ आधा कप चावल और दो रोटियां मिल रही हैं. जहाज पर साबुन, पेस्ट और डिओड्रेंट जैसी बुनियादी चीजों का अकाल पड़ चुका है.
अफगानिस्तान और इराक युद्ध के अनुभवी पूर्व सैनिक और अमेरिकी सांसद जेसन क्रो ने भी चेतावनी दी है कि लिंकन पर मौजूद सैनिकों और उनके परिवारों पर मानसिक दबाव हर हफ्ते के साथ खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है.
ईरान की तरफ मुड़ने से पहले कहां थे ये सैनिक?
‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ 21 नवंबर को सैन डिएगो से रवाना हुआ था. शुरुआत में इसे प्रशांत महासागर में तैनात किया जाना था, लेकिन जैसे ही ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल की जंग शुरू हुई, इसे अचानक पश्चिम एशिया की तरफ मोड़ दिया गया.
तभी से लेकर अब तक, यानी पिछले 9 महीनों में, जहाज पर मौजूद 5000 से ज्यादा सैनिकों को जमीन पर पैर रखने के लिए सिर्फ दो दिन का वक्त मिला, पहला दिसंबर में गुआम में और दूसरा जुलाई में ओमान में. इस मिशन को मई में ही खत्म होना था लेकिन ईरान के साथ खिंचती जंग की वजह से वाशिंगटन ने बार-बार सैनिकों की वापसी टाल दी.
रक्षा मंत्री का जवाब ‘ये सब फेक न्यूज है’
जहाज पर बदहाली और सड़ते खाने की तस्वीरें जब सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तो अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से इस पर सवाल पूछा गया. लेकिन रक्षा मंत्री ने सैनिकों की इस दर्दनाक हालत को गंभीरता से लेने के बजाय इसे सीधे ‘फेक न्यूज’ बताकर खारिज कर दिया.
रक्षा मंत्री के इस संवेदनहीन बयान पर सांसद माइक लेविन ने जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘इन जवानों ने अपने देश की सेवा के लिए कसम खाई है. देश का फर्ज बनता है कि कम से कम उन्हें साफ पानी, काम करता हुआ टॉयलेट और दो वक्त का सही खाना दे. रक्षा मंत्री इतना भी संभाल नहीं पा रहे हैं और ऊपर से सैनिकों के परिवारों की आंखों में आंखें डालकर उन्हें झूठा कह रहे हैं’.
अमेरिकी नौसेना में गहराता संकट
समंदर के बीच जंग लड़ रहे अमेरिकी सैनिकों में डिप्रेशन और खुदकुशी की दर लगातार बढ़ रही है. पिछले साल आए एक वैज्ञानिक अध्ययन में सामने आया था कि जहाजों पर लगातार बजने वाला शोर, नींद की भारी कमी, धूप न मिलना और मेंटल हेल्थ फैसिलिटीज का न होना सैनिकों को खुदकुशी के मुहाने पर धकेल देता है.
सर्वे में शामिल लगभग आधे सैनिकों ने माना था कि समंदर में जब वे भयंकर तनाव से गुजरते हैं तो उन्हें कोई मदद नहीं मिलती. ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ का यह मामला अब सिर्फ एक युद्धपोत की कहानी नहीं रह गया है, बल्कि ये इस बात का सबूत है कि कैसे सुपरपावर अमेरिका का युद्ध जीतने का लालच उसके अपने ही सैनिकों को निगल रहा है.




