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अमेरिका इस समय दोहरे स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहा है. एक ओर 35 साल में सबसे ज्यादा खसरे के मामले दर्ज हुए हैं, तो दूसरी ओर साइक्लोस्पोरा परजीवी से फैलने वाले डायरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. CDC के मुताबिक, नौ राज्यों में हजारों लोग संक्रमित हुए हैं. एक्सपर्ट्स अब लोगों से आइसबर्ग लेट्यूस खाने से मना कर रहे हैं और उसकी जगह बेरी और बेसिल यानी तुलसी खाने को कह रहे हैं.
अमेरिका में खसरा और डायरिया फैला है.
USA News: अमेरिका इस समय एक के बाद एक बीमारियों से जूझ रहा है. पहले देश में 35 साल का सबसे बड़ा खसरे का प्रकोप सामने आया और अब डायरिया फैलाने वाले साइक्लोस्पोरा (Cyclospora) परजीवी के संक्रमण ने हजारों लोगों की चिंता बढ़ा दी है. हालात ऐसे हैं कि अमेरिकी डॉक्टर लोगों को वही सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं, जो भारत में लंबे समय से आम आदत मानी जाती है. फल और सब्जियों के अलावा हर्ब्स यानी जड़ी-बूटियों के इस्तेमाल की सलाह दी गई है. एक डॉक्टर ने लोगों को तुलसी खाने को कहा है. अमेरिकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक, इस साल खसरे के मामले 1991 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं. साल 2000 में अमेरिका ने खसरे को खत्म घोषित कर दिया था, लेकिन पिछले डेढ़ साल में जितने मामले सामने आए हैं, वे उससे पहले के 25 वर्षों के कुल मामलों से भी ज्यादा हैं. ज्यादातर संक्रमित बच्चे ऐसे हैं, जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी थी.
इसी बीच अमेरिका के नौ राज्यों में साइक्लोस्पोरियासिस नाम की बीमारी तेजी से फैल रही है. यह संक्रमण साइक्लोस्पोरा नाम के सूक्ष्म परजीवी से होता है और दूषित भोजन या पानी के जरिए फैलता है. स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, इस गर्मी में 12 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. सबसे ज्यादा मरीज मिशिगन में मिले हैं.
लेट्यूस बना सबसे बड़ा शक
CDC की जांच के मुताबिक, साइक्लोस्पोरियासिस प्रकोप का सबसे बड़ा कारण आइसबर्ग लेट्यूस माना जा रहा है. ये एक सब्जी होती है. जांच में मध्य मेक्सिको से आए लेट्यूस पर संदेह जताया गया है. इसी वजह से संबंधित उत्पादों को वापस भी मंगाया गया है और अमेरिका व मेक्सिको की एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं.
डॉक्टर क्या सलाह दे रहे हैं?
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक येल स्कूल ऑफ मेडिसिन के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नेट वुड ने बातचीत में कहा कि फिलहाल लोगों को आइसबर्ग लेट्यूस खाने से बचना चाहिए. उनका कहना है कि अगर दूसरी तरह की पत्तेदार सब्जियां खा रहे हैं, तो उनकी बाहरी पत्तियां हटाकर उन्हें अच्छी तरह धोना जरूरी है. उन्होंने कहा कि लोगों को बेरी, हर्ब्स यानी जड़ी बूटियां खानी चाहिए. उन्होंने लोगों से कहा है कि धनिया और Basil की पत्तियों को खाना चाहिए. Basil को हिंदी में तुलसी के नाम से जाना जाता है. भारतीय घरों में पूजा के लिए इस्तेमाल होने वाली तुलती और पश्चिमी देशों के पश्चिमी व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाली ‘स्वीट बेसिल’ वैज्ञानिक रूप से एक ही परिवार के हैं. लेकिन ये दोनों स्वाद और रूप में थोड़ी अलग होती हैं. डॉक्टर ने यह भी कहा कि बाहर रेस्तरां में खाने के दौरान भी वह खुद ऐसी सलाद नहीं लेते, जिसमें आइसबर्ग लेट्यूस हो, क्योंकि यह जानना मुश्किल होता है कि उसे कहां से लाया गया और कैसे साफ किया गया.
क्या हैं लक्षण?
CDC के मुताबिक, साइक्लोस्पोरा संक्रमण के लक्षण दूषित भोजन खाने के दो सप्ताह तक बाद भी दिखाई दे सकते हैं. इनमें बार-बार पानी जैसा दस्त, पेट में ऐंठन, गैस, भूख कम लगना, वजन घटना, मतली और लगातार थकान शामिल हैं. कई मरीजों में ये लक्षण कई हफ्तों तक बने रह सकते हैं. अमेरिका में एक तरफ खसरे के रिकॉर्ड मामले स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं, तो दूसरी ओर डायरिया का बढ़ता प्रकोप अधिकारियों की चिंता और बढ़ा रहा है.
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Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…
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