Donald Trump Calls Vladimir Putin Xi Jinping : ट्रंप ने ईरान के 2 दोस्तों को पटा लिया, बदले में देनी पड़ी इस दोस्त देश की कुर्बानी?


वॉशिंगटन: ईरान के साथ चल रही जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद शातिर चाल चली है. ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान के दो सबसे बड़े दोस्तों को पटा लिया है. ट्रंप के मुताबिक उन्होंने फोन पर प्रॉमिस भी ले लिया है कि वो ईरान की मदद नहीं करेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस हमेशा की तरह इस बार भी ये सारा कारनामा ट्रूथ सोशल पर बताया है. उन्होंने ये भी बताया है कि ईरान के 2 दोस्तों को अपने पाले में लाने के लिए उन्हें अपने किस ‘दोस्त की कुर्बानी’ देनी पड़ी है.

 शी जिनपिंग और पुतिन से ‘डील’: ईरान को नहीं मिलेंगे हथियार!

अमेरिका लगातार 13वीं रात भी ईरान के ठिकानों पर बमबारी करता रहा. इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट लिखकर पूरी दुनिया को चौंका दिया. ट्रंप ने बड़ा खुलासा करते हुए लिखा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें निजी तौर पर यह भरोसा दिया है कि वो ईरान को किसी भी तरह की सैन्य मदद या हथियार सप्लाई नहीं करेंगे.

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘हाल ही में बीजिंग में हुई हमारी मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मुझसे कहा था कि वो किसी भी हालत में ईरान को हथियार न तो देंगे और न ही बेचेंगे. उन्होंने साफ कहा कि इसमें चीनी कंपनियां भी शामिल हैं. हमारे मजबूत रिश्तों को देखते हुए मैं उनकी बात पर पूरा भरोसा करता हूं. वैसे भी मैं उनके लिए बहुत बड़े-बड़े काम कर रहा हूं. इसके अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी मुझसे वादा किया है कि वे ईरान को हथियार नहीं बेचेंगे’.

ट्रंप यहीं नहीं रुके. उन्होंने रूस और चीन को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए आगे लिखा, ‘मेरी राय में ईरान के मामले में जिन दो बड़े देशों का अक्सर जिक्र होता है, वो इस जंग में शामिल नहीं हैं. अगर वे ऐसा करते, तो उनके लिए ये बहुत बुरा होता. ये निश्चित रूप से उनके अपने हित में नहीं होगा’.

तो क्या यूक्रेन की दे दी गई ‘कुर्बानी’?

ट्रंप के इस दांव के बाद सबसे बड़ा झटका यूक्रेन को लगा है. माना जा रहा है कि रूस और पुतिन को ईरान से अलग करने के लिए ट्रंप ने यूक्रेन के मसले पर बेहद नर्मी दिखाई है और एक तरह से उसे अपने हाल पर छोड़ दिया है.

जब ट्रंप से पूछा गया कि वे एक तरफ रूस को मना रहे हैं और दूसरी तरफ यूक्रेन को हथियार दे रहे हैं, तो उन्होंने बहुत सफाई से अपना बचाव किया. ट्रंप ने कहा, ‘पुतिन और शी जिनपिंग ये अच्छी तरह समझते हैं कि मैं सीधे तौर पर यूक्रेन को कोई हथियार नहीं बेचता. अमेरिका केवल NATO देशों को हथियार बेचता है और वो इसके लिए पूरी कीमत चुकाते हैं. नाटो देश उन हथियारों का इस्तेमाल कैसे करते हैं या उन्हें आगे किसे बांटते हैं, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है’.

ट्रंप के इस पल्ला झाड़ने वाले बयान को यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है. ऐसा लगता है कि ईरान पर पूरी ताकत झोंकने के लिए ट्रंप ने रूस को यूक्रेन में ढील दे दी है.

अमेरिका-ईरान का घमासान जारी

अमेर‍िका और ईरान के बीच वार-पलटवार को स‍िलस‍िला जारी है. संघर्ष विराम समझौता टूटने के बाद अमेर‍िका ने लगातार 13वीं रात ईरान के ऊपर हमला जारी रखा. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया क‍ि ईस्टर्न टाइम के हिसाब से शाम 6:45 बजे हमले शुरू हुए. उनका मकसद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से कमर्शियल शिपिंग को होने वाले खतरों को कम करना था.

वहीं दूसरी ओर आईआरजीसी ने भी पलटवार करते हुए शुक्रवार शाम कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और संसाधनों पर जवाबी हमले किए. IRGC ने अपने आधिकारिक समाचार माध्यम सेपा न्यूज के हवाले से कहा कि ये हमले अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ किए गए अपराधों के जवाब में किए गए.



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img