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Maula Ali Dargah Hyderabad: हैदराबाद और सिकंदराबाद के बीच स्थित मौला अली दरगाह धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक खूबसूरती और सुकून के लिए भी खास पहचान रखती है. पहाड़ी की चोटी पर बनी इस ऐतिहासिक दरगाह तक सीढ़ियों से पहुंचा जा सकता है. यहां मन्नत मांगने की एक अनोखी परंपरा भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है. मान्यता है कि जाली के भीतर सही जगह पर सिक्का गिरने पर मनोकामना पूरी होती है. शाम के समय पहाड़ी से हैदराबाद और सिकंदराबाद का 360 डिग्री नजारा बेहद आकर्षक दिखाई देता है. ठंडी हवाओं और शांत वातावरण के चलते यह जगह परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए भी पसंद की जाती है. खास बात यह है कि यहां प्रवेश शुल्क नहीं है और तलहटी में मुफ्त पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध है.
हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद और सिकंदराबाद के संगम पर स्थित ऐतिहासिक मौला अली दरगाह सदियों से न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि शहर के सबसे खूबसूरत और शांत पर्यटन स्थलों में से भी एक है. पहाड़ी की चोटी पर स्थित यह दरगाह अपने आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ एक अनूठी परंपरा और मनमोहक प्राकृतिक नजारों के लिए जानी जाती है. दरगाह परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच एक दिलचस्प परंपरा बेहद लोकप्रिय है.
यहां पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में मौजूद एक विशेष स्थान पर जाली के भीतर मन्नत का सिक्का डालने की प्रथा है. स्थानीय मान्यता के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सच्चे मन से अपनी मुराद मांगकर उस स्थान पर सिक्का फेंकता है और वह सही जगह पर गिरता है, तो उसकी मनोकामना पूरी होती है. इसी विश्वास के चलते यहां आने वाला हर व्यक्ति पूरी श्रद्धा के साथ इस परंपरा को आजमाता है.
शाम के वक्त यहां का मौसम बेहद सुहावना हो जाता है
वीकेंड पर यहां रहती है काफी भीड़
वीकेंड और शाम के समय यहां दोस्तों और परिवारों का तांता लगा रहता है. लोग सीढ़ियां चढ़कर ऊपर पहुंचते हैं और शहर के नजारों का आनंद लेते हैं. फोटोग्राफी और प्रकृति प्रेमियों के लिए भी यह एक पसंदीदा स्थल बन चुका है. पर्यटकों की सुविधा के लिहाज से यहां किसी भी प्रकार का प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाता है. इसके अलावा नीचे वाहनों की पार्किंग की भी निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध है. पहाड़ी की तलहटी में वाहन पार्क करने के बाद सीढ़ियों के जरिए आसानी से ऊपर दरगाह तक पहुंचा जा सकता है. शहर के किसी भी कोने से सार्वजनिक या निजी परिवहन के जरिए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है.
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दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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