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West Champaran Jungle Safari: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में गर्मी के बावजूद सफारी पर सैकड़ों पर्यटक पहुंच रहे हैं. .यहां VTR में गौर की संख्या 300 से ज्यादा है. यह जीव भारत में कुल आबादी का 85 प्रतिशत हिस्सा मौजूद है. कहा जाता है कि दुनिया भर में इसकी संख्या लगभग 30000 के करीब है.
पश्चिम चंपारण: घने जंगल में वन्य जीवों के दीदार के लिए वाल्मीकि टाइगर रिजर्व एक आदर्श पर्यटन स्थल के रूप में पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है. भीषण गर्मी के बावजूद भी यहां हर दिन सैकड़ों की संख्या में पर्यटक जंगल सफारी और कुदरत की खूबसूरती के दीदार को पहुंच रहे हैं. सबसे मजे की बात यह है कि सफारी के दौरान पर्यटकों को बेहद करीब से वन्य जीवों को देखने का मौका मिल रहा है, जो उनके इस टूर को बेहद खास बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है. हाल ही में VTR के वाल्मीकिनगर रेंज में सफारी के लिए आरा और मुजफ्फरपुर से पहुंचे पर्यटकों ने गौर का दीदार किया है, जिसे इंडियन बाइसन के नाम से भी जाना जाता है.
1500 किलो तक वजनी
पर्यटकों के साथ मौजूद नेचर गाइड राजीव आर्या बताते हैं कि गौर गाय की ही एक प्रजाति है, जो मुख्य रूप से घने जंगलों में निवास करती है. इनकी बनावट शानदार और शरीर अत्यधिक मस्क्युलर होता है. आकार में 7 फीट तक ऊंचे और 1000 से 1500 किलो तक वजनी ये जीव पर्यटकों का ध्यान अपनी तरह बेहद जल्द आकार्षित करते हैं. सफारी के दौरान इन्हें देखना अपने आप में एक अतुलनीय अनुभव होता है.
शक्तिशाली और मस्क्यूलर है ये जीव
अक्सर 5 से 10 की झुंड में निवास करने वाले ये जीव इतने शक्तिशाली होते हैं कि सामना होने पर मिनी पिक अप वैन तक को आसानी से उठाकर पटक सकते हैं. इनके पैर घुटने तक सफेद होते हैं, जो देखने पर किसी मोज़े की तरह मालूम पड़ते हैं. यही कारण है कि इस जीव को ‘सफेदा’ नाम से भी जाना जाता है. सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से जंगल का राजा टाइगर भी इनसे दूरी बनाकर रखता है.
VTR के इन रेंजों में खूब देखे जाते हैं
वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट अभिषेक बताते हैं कि मस्क्यूलर शरीर, बड़ी और मजबूत सींग और बेहद आकर्षक संरचना से ये जीव सबको अपनी तरफ आकर्षित करते हैं. दक्षिण एशिया की कई संस्कृतियों में उन्हें शक्ति और उर्वरता का प्रतीक तक माना गया है. उचित माहौल और भोजन मिलने की वजह से टाइगर रिजर्व में इनकी संख्या बेहद तेजी से बढ़ रही है. VTR में ये मुख्य रूप से वाल्मीकि नगर, चिउटाहा, गोनौली, मांगुराहा और गोवर्धन रेंज में देखे जाते हैं.
दुनियाभर में बची है इतनी संख्या
मिली जानकारी के अनुसार, VTR में वर्तमान में इनकी संख्या 300 से भी अधिक हो चली है. जंगल में लगाए गए कैमरा ट्रैप में इनके कई झुंड देखे गए हैं. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व सहित कतर्नियाघाट जैसे वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में प्रशिक्षक का काम करने वाले वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट अभिषेक बताते हैं कि भारत सहित दुनियाभर में करीब 30 हजार गौर की आबादी को दर्ज किया गया है. सबसे बड़ी बात यह है कि इनमें से 85% गौर सिर्फ भारत के जंगलों में ही पाए जाते हैं.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें




