मानसून का पहला तोहफा! समय से पहले शुरू हुआ मेनाल झरना, 150 फीट से गिरती जलधारा देखने उमड़े सैलानी


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Bhilwara Tourist Places: मानसून की दस्तक के साथ भीलवाड़ा का प्रसिद्ध मेनाल झरना एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार हो गया है. तेज अंधड़ और बारिश के बाद शुरू हुई जलधारा ने क्षेत्र की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा दिया है. बिजौलिया के पास स्थित यह पर्यटन स्थल प्रकृति, इतिहास और आस्था का अनूठा संगम माना जाता है. यहां 12वीं और 13वीं शताब्दी के प्राचीन मंदिरों के साथ 150 फीट गहरी घाटी में गिरता झरना लोगों को रोमांचित कर रहा है. फोटोग्राफर, प्रकृति प्रेमी और पर्यटक बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं.

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मानसून की दस्तक के साथ भीलवाड़ा का प्रसिद्ध मेनाल झरना एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार हो गया है

भीलवाड़ा. जिले के बिजौलिया क्षेत्र में मानसून की पहली आहट के साथ ही प्रकृति ने अपना अनुपम सौंदर्य बिखेरना शुरू कर दिया है. प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मेनाल झरना एक बार फिर कल-कल बहती जलधारा के साथ जीवंत हो उठा है. हाल ही में आए तेज अंधड़ और बारिश के बाद झरने में पानी की आवक शुरू हो गई, जिससे यहां का मनोहारी दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं. झरने की गूंजती जलधारा और चारों ओर फैली हरियाली लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है. खास बात यह है कि पिछले वर्ष मेनाल झरना जून के मध्य में शुरू हुआ था, लेकिन इस बार जून के पहले सप्ताह में ही झरना बहने लगा है.

समय से पहले झरने के शुरू होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में भी उत्साह का माहौल है. उनका मानना है कि इस बार पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. अरावली की वादियों के बीच स्थित मेनाल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए देशभर में प्रसिद्ध है. बिजौलिया से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित यह पर्यटन स्थल प्रकृति, इतिहास और आस्था का अद्भुत संगम माना जाता है. बारिश के बाद यहां का वातावरण और अधिक रमणीय हो जाता है. हरियाली से ढकी पहाड़ियां, ठंडी हवाएं और झरने की फुहारें पर्यटकों को विशेष अनुभव प्रदान करती हैं.

150 फीट गहरी घाटी में गिरती झरने की जलधारा करती है रोमांचित

मेनाल केवल प्राकृतिक सौंदर्य के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी ऐतिहासिक धरोहर के लिए भी जाना जाता है. यहां 12वीं और 13वीं शताब्दी के करीब 20 प्राचीन मंदिरों का समूह मौजूद है, जो भारतीय स्थापत्य कला की उत्कृष्टता को दर्शाता है. इन मंदिरों की नक्काशी और वास्तुकला पर्यटकों के साथ-साथ इतिहास प्रेमियों को भी आकर्षित करती है. करीब 150 फीट गहरी घाटी में गिरती झरने की जलधारा का दृश्य बेहद आकर्षक दिखाई दे रहा है. पानी की तेज आवाज और घाटी में गूंजती उसकी गर्जना वातावरण को और भी रोमांचक बना रही है. प्रकृति प्रेमी, फोटोग्राफर और घूमने-फिरने के शौकीन लोग इस खूबसूरत नजारे को अपने कैमरों में कैद करने के लिए यहां पहुंच रहे हैं.

बारिश की पहली फुहारों के साथ ही मेनाल का सौंदर्य बढ़ा

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश की पहली फुहारों के साथ ही मेनाल का सौंदर्य कई गुना बढ़ जाता है. झरने के बहने से आस-पास का क्षेत्र पूरी तरह जीवंत हो उठता है और पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो जाती है. यही कारण है कि मेनाल को राजस्थान के सबसे खूबसूरत और लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में गिना जाता है. बारिश की दस्तक के साथ मेनाल एक बार फिर गुलजार हो उठा है. बहते झरने, हरियाली से आच्छादित पहाड़ियां और ऐतिहासिक मंदिरों का अद्भुत संगम यहां आने वाले हर व्यक्ति को मंत्रमुग्ध कर रहा है. यह नजारा आने वाले दिनों में और भी आकर्षक होने की उम्मीद है.

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deep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें



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