Last Updated:
नेपाल में हुई भीषण प्राकृतिक आपदा ने अमेरिका के माउंट रेनियर को लेकर खतरे की पुरानी चेतावनियों को फिर चर्चा में ला दिया है. वॉशिंगटन राज्य का यह भारी ग्लेशियरों से ढका सक्रिय ज्वालामुखी बिना बड़े विस्फोट के भी खतरनाक लहार पैदा कर सकता है. भूस्खलन, ग्लेशियर पिघलने, भारी बारिश या छोटे भूकंप से पानी, मिट्टी, चट्टान और मलबे का तेज बहाव पैदा हो सकता है.
वॉशिंगटन: नेपाल में आए फ्लैश फ्लड ने जिस तरह अचानक तबाही मचाई, उसी तरह की तबाही पर अमेरिका भी बैठा है. इस हादसे के बाद के बाद अमेरिका के एक बेहद खतरनाक ज्वालामुखी को लेकर पुरानी चेतावनियां फिर चर्चा में आ गई हैं. अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य में मौजूद माउंट रेनियर ऐसा ज्वालामुखी है, जो सिर्फ फटने पर ही खतरा नहीं बनता. इसकी बर्फ से ढकी विशाल ढलानों पर भूस्खलन, ग्लेशियर पिघलने, तेज बारिश या छोटा भूकंप भी ऐसी विनाशकारी बाढ़ पैदा कर सकता है, जो पानी, मिट्टी, चट्टान और मलबे को अपने साथ बहाते हुए कुछ ही मिनटों में रास्ते में आने वाली चीजों को तबाह कर दे. सबसे बड़ी चिंता इसलिए है क्योंकि सिएटल-टकोमा मेट्रो क्षेत्र में 33 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं, जबकि 60 हजार से ज्यादा लोग सीधे उस इलाके में हैं, जिसे माउंट रेनियर से आने वाले लहार यानी मलबे के तेज बहाव का खतरा माना जाता है.
नेपाल की तबाही ने फिर याद दिलाया खतरा
About the Author

Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…
और पढ़ें




