कच्चे तेल की कीमतें बाजार में उतार-चढ़ाव की एक और बड़ी वजह बनी रह सकती हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश पर भी करीबी नजर रहेगी। 18 सितंबर को एफआईआई कैश मार्केट में नेट खरीदार रहे। उन्होंने 599.54 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की। घरेलू संस्थागत निवेशक भी नेट खरीदार रहे और उन्होंने 1,019.69 करोड़ रुपए की शुद्ध निवेश किया।
रुपए और डॉलर की चाल से इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है। इसके अलावा, पीएमआई और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेटा जैसे मासिक घरेलू डेटा भी अगले हफ्ते जारी होंगे, जिनका असर बाजार पर दिख सकता है।




