राहुल गांधी ने कहा, ‘‘विरोध प्रदर्शन के बाद कई निर्दोष युवाओं को गिरफ्तार किया गया। उन पर लगातार आपराधिक आरोप लगते रहते हैं। उनमें से कई पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी हैं और लंबित मामलों ने उनकी शिक्षा, नौकरी की संभावनाओं और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।’’
उन्होंने इस बात का उल्लेख किया, ‘‘यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि संसद ने बाद में एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम, 2018 लागू किया, जिससे कानून की ताकत बहाल हुई और उस उचित कारण की पुष्टि हुई जिसके लिए ये युवा संगठित हुए थे। उच्चतम न्यायालय ने भी 2020 में इस संशोधन को बरकरार रखा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारत सरकार से इस मामले पर सहानुभूतिपूर्ण और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह करता हूं।’’





