SMS Hospital: 4.61 करोड़ की लैब शुरू, फ्री में जांच की सुविधा, 32 लाख की मशीन से पथरी का होगा इलाज


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Jaipur SMS Hospital New Facility: जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए 4.61 करोड़ की लागत से न्यूरोओटोलॉजी लैब और कॉक्लियर इंप्लांट ओटी शुरू की गई है. इससे अब चक्कर आना, बहरेपन की जांच और बिना चीरा पथरी इलाज जैसी सुविधाएं एक ही जगह मुफ्त मिलेंगी. पहले इन जांचों के लिए मरीजों को बाहर जाना पड़ता था. नई लैब में आधुनिक मशीनें और स्किल लैब के जरिए डॉक्टरों को प्रशिक्षण भी मिलेगा. अस्पताल का ईएनटी विभाग अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित हो रहा है.

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जयपुर. राजधानी जयपुर स्थित प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल सवाई मानसिंह अस्पताल में लोगों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए लगातार नए नवाचार किए जा रहे हैं. इसी के तहत अस्पताल में अलग-अलग बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं के लिए इंस्टीट्यूट और अत्याधुनिक सेंटर शुरू किए जा रहे हैं. पिछले 2 सालों में सवाई मानसिंह अस्पताल में जेनेटिक टेस्टिंग लैब और टॉक्सिकोलॉजी लैब जैसी कई हाईटेक लैब शुरू की गई हैं. इसी कड़ी में अब अस्पताल के ईएनटी विभाग में 4.61 करोड़ रुपए की लागत से न्यूरोओटोलॉजी लैब व कॉक्लियर इंप्लांट ओटी शुरू की गई है.

इसके बाद अब यहां लोगों को चक्कर आने, बहरेपन की जांच और पथरी का बिना चीरा इलाज जैसी सुविधाएं मिलेंगी. पहले इन जांचों के लिए मरीजों को अस्पताल के बाहर जाना पड़ता था, जहां हजारों रुपए खर्च होते थे, लेकिन अब ये सभी जांचें यहीं मुफ्त में उपलब्ध होंगी, जिससे मरीजों को राहत मिलेगी. हाल ही में सवाई मानसिंह अस्पताल के ईएनटी विभाग में न्यूरोओटोलॉजी लैब के साथ स्किल लैब, सेमिनार रूम, ऑडियोलॉजी रूम और कॉक्लियर इंप्लांट ओटी का उद्घाटन कर इन्हें मरीजों के लिए शुरू कर दिया गया है.

करोड़ों की लागत से तैयार लैब में मिलेंगी ये खास सुविधाएं

जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में 800 वर्ग फीट क्षेत्र में 10 स्टेशनों वाला आधुनिक स्किल लैब तैयार किया गया है. इस लैब में इलाज के साथ रेजिडेंट डॉक्टरों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. वर्टिगो जैसे रोगों के समग्र उपचार के लिए न्यूरो-ओटोलॉजी लैब विकसित की गई है. यहां उन मरीजों की जांच हो सकेगी, जो ईएनटी से जुड़ी गंभीर समस्याओं के कारण बार-बार बेहोश हो जाते हैं. साथ ही जटिल कान सर्जरी और श्रवण क्षमता बहाली से जुड़े मरीजों को बेहतर ऑपरेशन सुविधा मिलेगी. इस आधुनिक ईएनटी विभाग को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया गया है, जो उन्नत चिकित्सा सेवाओं और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा.

32 लाख की लगाई गई है सियालेंडोस्कोपी मशीन

अस्पताल में नई लैब्स में आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं. न्यूरोओटोलॉजी लैब में विशेष रूप से उन मरीजों का इलाज किया जाएगा, जिन्हें चक्कर आना या कान में आवाजें आने जैसी समस्याएं होती हैं. पहले इन जांचों के लिए मरीजों को बाहर हजारों रुपए खर्च करने पड़ते थे, लेकिन अब यह सुविधा यहां मुफ्त में मिलेगी. लैब में 32 लाख रुपए की सियालेंडोस्कोपी मशीन लगाई गई है, जिससे लार ग्रंथि की पथरी का इलाज बिना चीरा लगाए मुंह के रास्ते एंडोस्कोपी तकनीक से किया जाएगा. इसके अलावा स्किल लैब और सेमिनार रूम में यूजी और पीजी छात्रों को प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा.

SMS में तैयार हो रहा नया IPD टावर

सवाई मानसिंह अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक नया IPD टावर बनाया जा रहा है. इस 24 मंजिला भवन में 1200 बेड की क्षमता होगी. इसके बनने के बाद अस्पताल में कुल बेड की संख्या करीब 4000 हो जाएगी. वर्तमान में अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग में 2850 बेड हैं. 116 मीटर ऊंचे इस टावर की टॉप फ्लोर पर हेलीपैड भी बनाया जाएगा, जिससे मरीजों को एयरलिफ्ट की सुविधा मिल सकेगी. IPD टावर में 792 जनरल बेड, 150 कॉटेज बेड, 166 ICU बेड और 92 प्रीमियम रूम होंगे. इसके अलावा यहां वेटिंग हॉल, मेडिकल साइंस गैलरी, 20 ऑपरेशन थिएटर और रेडियोलॉजी व माइक्रोबायोलॉजी से जुड़ी एडवांस लैब्स भी बनाई जाएंगी.

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deep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें



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