US Supreme Court blocks Alabama nitrogen gas execution | यूएस सुप्रीम कोर्ट ने अलबामा में नाइट्रोजन गैस से फांसी पर लगाई रोक, जानें क्या है पूरा मामला


होमदुनियाअमेरिका

‘बेहद क्रूर तरीका’ US सुप्रीम कोर्ट ने नाइट्रोजन गैस से मौत पर रोक क्यों लगाई?

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Nitrogen Gas Execution: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अलबामा में नाइट्रोजन गैस से होने वाली फांसी पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने कैदी जेफरी ली की याचिका पर यह बड़ा फैसला सुनाया है. इससे पहले दो निचली अदालतों ने भी इस तरीके को क्रूर बताते हुए इस पर बैन लगाया था. अलबामा सरकार ने इस फैसले का विरोध किया है. अब राज्य जेफरी ली को किसी दूसरे तरीके से सजा देने की तैयारी कर रहा है.

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नाइट्रोजन हाइपोक्सिया पर अदालतों ने क्यों लगाया बैन? (Photo made with AI)

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने अलबामा राज्य की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें नाइट्रोजन गैस से मौत की सजा देने की मांग की गई थी. कोर्ट का यह फैसला कैदी जेफरी ली की फांसी को लेकर आया है. इससे पहले अमेरिका की दो निचली अदालतों ने भी नाइट्रोजन गैस के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी. कोर्ट ने इस तरीके को अमेरिकी संविधान के खिलाफ माना है. अदालतों का कहना है कि यह तरीका बेहद क्रूर और असामान्य है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में इस फैसले का कोई साफ कारण नहीं बताया है. हालांकि तीन जजों ने इस फैसले का विरोध भी किया है. अलबामा के सरकारी वकील ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है. उन्होंने इसे पीड़ित परिवारों के साथ अन्याय बताया है. अलबामा जनवरी 2024 से अब तक सात लोगों को नाइट्रोजन गैस से सजा दे चुका है.

नाइट्रोजन गैस से मौत की सजा पर कोर्ट ने रोक क्यों लगाई है?

फेडरल जज ने इस हफ्ते नाइट्रोजन गैस से मौत देने पर पूरी तरह बैन लगा दिया है. इसके पीछे एक्सपर्ट्स और चश्मदीदों के बयान अहम रहे हैं. अदालत के मुताबिक इस नए तरीके से कैदी को बहुत ज्यादा दर्द होता है.

नाइट्रोजन हाइपोक्सिया के दौरान कैदी को मास्क के जरिए प्योर नाइट्रोजन दी जाती है. इससे शरीर में ऑक्सीजन खत्म होने लगती है और दम घुट जाता है. डॉक्टरों के अनुसार इस प्रोसेस में कैदी को सांस लेने में भारी तकलीफ होती है. उसे भयंकर मानसिक तनाव और घबराहट का सामना करना पड़ता है. इसी वजह से कोर्ट ने इसे क्रूर सजा माना है.

कैदी जेफरी ली को किस अपराध के लिए मिली थी मौत की सजा?

जेफरी ली पिछले बीस साल से अलबामा की जेल में बंद है. उसे साल 1998 में एक दुकान में लूटपाट और दो लोगों की हत्या का दोषी पाया गया था. इस मामले में जूरी ने ली को उम्रकैद देने की सिफारिश की थी. हालांकि जज ने जूरी के फैसले को पलटकर उसे मौत की सजा सुना दी थी. इस न्यायिक प्रक्रिया को अब अमेरिका में खत्म कर दिया गया है.

अलबामा सरकार अब ली को किसी दूसरे तरीके से सजा देने पर विचार कर रही है. राज्य के अटॉर्नी जनरल स्टीव मार्शल ने कहा कि वह ली को कानून के मुताबिक सजा दिलाने के लिए हर मुमकिन कदम उठाएंगे.

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दीपक वर्माDeputy News Editor

दीपक वर्मा (Deepak Verma) की‍ गिनती हिंदी डिजिटल मीडिया के तेजी से उभरते चेहरों में होती है. वह News18हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज़ एडिटर की भूमिका में जुड़े हैं. प्रिंट से डिजिटल का रुख करने वाले दीपक के पास पत्र…और पढ़ें





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