देश में बेरोजगारी दर जून तिमाही में लगभग स्थिर: सरकारी सर्वेक्षण
देश में चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान बेरोजगारी दर और कुल आबादी में काम करने वाले लोगों का अनुपात सालाना आधार पर लगभग स्थिर रहा।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, रोजगार से वंचित कामकाजी उम्र की आबादी में बेरोजगारी दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 5.5 प्रतिशत रही। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 5.6 प्रतिशत थी।
कुल श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) जून, 2026 में 51.4 प्रतिशत रहा। यह पिछले महीने के स्तर के बराबर है। हालांकि, जून, 2025 के 51.2 प्रतिशत की तुलना में इसमें 0.2 प्रतिशत अंक की मामूली वृद्धि हुई।
मंत्रालय के तहत आने वाला राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के निश्चित अवधि पर होने वाला श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) में भी देश के शहरी रोजगार बाजार की स्थिति स्थिर पाई गई। यह सर्वेक्षण बेरोजगारी और श्रम बल में लोगों की भागीदारी को मापता है।
सालाना आधार पर शहरी बेरोजगारी दर घटकर जून, 2026 में 6.6 प्रतिशत रही, जो जून, 2025 में 7.1 प्रतिशत थी। वहीं, ग्रामीण बेरोजगारी दर इस अवधि के दौरान लगभग स्थिर रही।
आंकड़ों के अनुसार, कुल श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) यानी कामकाजी उम्र की वह आबादी जो रोजगार में है या सक्रिय रूप से रोजगार तलाश रही है, जून, 2026 में 54.4 प्रतिशत रही। यह पिछले महीने के बराबर और जून, 2025 के 54.2 प्रतिशत से मामूली अधिक है।
महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर जून, 2026 में 32.7 प्रतिशत रही, जबकि इससे पिछले महीने मई में यह 32.8 प्रतिशत थी। हालांकि, यह पिछले साल के इसी महीने के 32 प्रतिशत के मुकाबले 0.7 प्रतिशत अंक अधिक है।
सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में श्रम बल भागीदारी में पुरुषों और महिलाओं के बीच का अंतर शहरी क्षेत्रों की तुलना में कम हुआ है।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर जून, 2026 में बढ़कर 36.6 प्रतिशत हो गई, जो जून, 2025 के 35.2 प्रतिशत से 1.4 प्रतिशत अंक अधिक है।
इसके उलट, शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी दर जून, 2026 में मामूली घटकर 24.8 प्रतिशत रही, जबकि पिछले साल जून में 25.2 प्रतिशत थी।




