भूकंप की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि लोगों का चलना-फिरना मुश्किल हो गया। कई जगह कंक्रीट-ब्लॉक की दीवारें गिर गईं। जापान में दुनिया के किसी भी इलाके के बनिस्बत ज्यादा भूकंप आता है, क्योंकि यह ‘रिंग ऑफ फायर’ में बसा है। यहां हर पांच मिनट में कम से कम एक झटका आता है।

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जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर 7.5 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया है। इस जबरदस्त भूकंप के बाद सुनामी का अलर्ट जारी कर दिया गया है। 3 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका के चलते सुनामी अलर्ट जारी किया गया। हालात को देखते हुए अधिकारियों ने लोगों से तटीय इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी है। प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा कि सरकार ने एक इमरजेंसी टास्क फोर्स बनाई है और प्रभावित इलाकों के लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की है।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, स्थानीय समयानुसार शाम 4:53 बजे उत्तरी जापान के सनरिकु तट के पास भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए गए। इसका केंद्र प्रशांत महासागर में सैनरिकु तट पर था, जिसकी गहराई 10 किलोमीटर बताई गई। अधिकारियों ने उस इलाके की सूची जारी कर दी है जहां सुनामी की आशंका है। इसमें कहा गया है कि सबसे पहले ऊंची लहरें इवाते, आओमोरी और होक्काइडो प्रांतों में उठ सकती हैं।
जापानी प्रसारक एनएचके ने होक्काइडो के हाचिनोहे पोर्ट से लहरों की आशंका के चलते जहाजों को वहां से निकलते दिखाया, और स्क्रीन पर ‘सुनामी! खाली करो!’ का अलर्ट फ्लैश किया गया। क्योदो न्यूज एजेंसी ने बताया कि जापान के मुख्य होंशू आइलैंड के उत्तरी सिरे पर आओमोरी में भूकंप के झटकों की वजह से बुलेट ट्रेन सर्विस रोक दी गईं।
जापान के सीस्मिक इंटेंसिटी स्केल पर भूकंप की तीव्रता ‘5’ मापी गई। यह इतनी ज्यादा है कि लोगों का घूमना-फिरना मुश्किल हो गया। कई जगह कंक्रीट-ब्लॉक की दीवारें गिर गईं। जापान में दुनिया के किसी भी इलाके के बनिस्बत ज्यादा भूकंप आता है। यहां हर पांच मिनट में कम से कम एक झटका आता है। यह देश “रिंग ऑफ फायर” में बसा है।
जापान टुडे के अनुसार, होक्काइडो और तोहोकू इलाकों में अभी कोई न्यूक्लियर पावर प्लांट नहीं चल रहा है, लेकिन होक्काइडो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी और तोहोकू इलेक्ट्रिक पावर कंपनी के कई न्यूक्लियर पावर प्लांट बंद हैं। तोहोकू इलेक्ट्रिक ने कहा कि वह अपने ओनागावा न्यूक्लियर पावर प्लांट पर भूकंप और सुनामी के असर की जांच कर रहा है।





