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राजस्थान के पाली जिले में बना ॐ आश्रम अपनी अनोखी वास्तुकला के लिए खास है. ऊपर से देखने पर पूरा मंदिर ॐ के आकार में नजर आता है, जबकि परिसर में भगवान शिव की 1008 प्रतिमाएं स्थापित हैं. जानिए इस भव्य मंदिर की खासियत और इससे जुड़े रोचक तथ्य.
ओम के आकार का बना शिव मंदिर.
भारत में भगवान शिव के कई ऐसे मंदिर हैं, जो अपनी आस्था के साथ-साथ अनोखी बनावट के लिए भी जाने जाते हैं. राजस्थान के पाली जिले में बना ॐ आश्रम भी ऐसा ही एक खास धार्मिक स्थल है. इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे ऊपर से देखने पर इसकी पूरी संरचना ‘ॐ’ के आकार में दिखाई देती है. दूर से देखने पर मंदिर का यह रूप बेहद भव्य नजर आता है.
यह मंदिर राजस्थान के जाडन गांव में स्थित है. ॐ आश्रम का उद्घाटन 19 फरवरी 2024 को किया गया था. यह पूरा परिसर करीब 250 एकड़ में फैला हुआ है. मंदिर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसकी बनावट में ॐ के अलग-अलग हिस्सों को वास्तुकला के जरिए दर्शाया गया है.
1008 शिव प्रतिमाएं हैं सबसे खास
इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहां स्थापित भगवान शिव की 1008 प्रतिमाएं हैं. ये सभी प्रतिमाएं सफेद संगमरमर से बनाई गई हैं और भगवान शिव के अलग-अलग स्वरूपों से जुड़ी मानी जाती हैं.
इन मूर्तियों को मंदिर परिसर में केंद्रीय द्वादश ज्योतिर्लिंग के आसपास स्थापित किया गया है. बीच में भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों को दर्शाने वाली संरचना भी बनाई गई है. एक साथ इतनी सारी शिव प्रतिमाओं को देखना श्रद्धालुओं के लिए काफी खास अनुभव हो सकता है.
108 कमरों से तैयार हुआ है ॐ का आकार
मंदिर की बनावट में 108 संख्या का भी खास महत्व रखा गया है. ॐ आकार की संरचना में 108 आवासीय इकाइयां बनाई गई हैं. इन्हें हिंदू और योग परंपरा में महत्वपूर्ण मानी जाने वाली 108 संख्या से जोड़ा गया है. मंदिर का मुख्य शिखर करीब 135 फीट ऊंचा बताया जाता है. इसकी वास्तुकला में पारंपरिक भारतीय मंदिर शैली की झलक देखने को मिलती है. गुलाबी बलुआ पत्थर और नक्काशीदार स्तंभ मंदिर की खूबसूरती को और बढ़ाते हैं.
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