Offbeat Destinations: क्या आपने सुना है इस नन्हे देश के बारे में? दुनिया का सबसे छोटा आइलैंड नेशन, जानिए यहां घूमने का कितना आता है खर्च


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Offbeat Destinations: प्रशांत महासागर के बीच बसा एक छोटा सा देश अपने खूबसूरत तटीय नज़ारों, शांत माहौल और दिलचस्प इतिहास के लिए जाना जाता है. आइए जानते हैं इसका नाम और वहां घूमने के खर्च के बारे में विस्तार से.

Offbeat Destinations: दुनिया भर में कई छोटे-बड़े देश हैं, लेकिन कुछ देश अपने आकार के बजाय अपनी खास पहचान के लिए ज़्यादा जाने जाते हैं. ऐसा ही एक देश है नौरू, जिसे दुनिया का सबसे छोटा द्वीपीय देश (Island Nation) माना जाता है. प्रशांत महासागर में बसा यह छोटा सा देश अपने खूबसूरत तटीय नज़ारों, शांत माहौल और दिलचस्प इतिहास के लिए मशहूर है.

नौरू कितना छोटा है?: नौरू का कुल क्षेत्रफल सिर्फ़ 21 वर्ग किलोमीटर है. तुलना के लिए, यह कई बड़े शहरों के एक छोटे से हिस्से के बराबर है. इसकी आबादी लगभग 12,000 से 13,000 के बीच है. ज़मीन के क्षेत्रफल के हिसाब से यह दुनिया का तीसरा सबसे छोटा देश है, जबकि द्वीपीय देशों में इसे सबसे छोटा माना जाता है.

नौरू कितना छोटा है?: नौरू का कुल क्षेत्रफल सिर्फ़ 21 वर्ग किलोमीटर है. तुलना के लिए, यह कई बड़े शहरों के एक छोटे से हिस्से के बराबर है. इसकी आबादी लगभग 12,000 से 13,000 के बीच है. ज़मीन के क्षेत्रफल के हिसाब से यह दुनिया का तीसरा सबसे छोटा देश है, जबकि द्वीपीय देशों में इसे सबसे छोटा माना जाता है.

Nauru is an isolated, elevated limestone island is the South Pacific, approximately 2,900 kilometres northeast of Australia. The total land area of Nauri is only 22 square km. It is surrounded by coral reefs between 120 and 300 metres wide. (Representive Image: Pexels)

यह देश कहां स्थित है?: नौरू मध्य प्रशांत महासागर में स्थित है. इसके आस-पास कोई बड़ा द्वीप या देश नहीं है, इसीलिए इसे दुनिया के सबसे अलग-थलग देशों में से एक माना जाता है. यहां पहुंचने का मुख्य ज़रिया हवाई यात्रा है.

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दिल को मोह लेने वाली खूबसूरती: भले ही नौरू आकार में छोटा है, लेकिन इसकी प्राकृतिक सुंदरता बड़े-बड़े टूरिस्ट डेस्टिनेशन को टक्कर देती है. यहां का साफ़ नीला पानी, सफ़ेद रेतीले बीच और शांत माहौल पर्यटकों को अपनी ओर खींचते हैं. समुद्र के किनारे शानदार सूर्योदय और सूर्यास्त का नज़ारा देखना यहां आने वालों के लिए एक खास अनुभव होता है.

दिल को मोह लेने वाली खूबसूरती: भले ही नौरू आकार में छोटा है, लेकिन इसकी प्राकृतिक सुंदरता बड़े-बड़े टूरिस्ट डेस्टिनेशन को टक्कर देती है. यहां का साफ़ नीला पानी, सफ़ेद रेतीले बीच और शांत माहौल पर्यटकों को अपनी ओर खींचते हैं. समुद्र के किनारे शानदार सूर्योदय और सूर्यास्त का नज़ारा देखना यहां आने वालों के लिए एक खास अनुभव होता है.

नौरू की यात्रा का खर्च: नौरू की यात्रा काफी महंगी है. भारत से नौरू की यात्रा का कुल खर्च प्रति व्यक्ति लगभग ₹2.5 लाख से ₹3.5 लाख तक हो सकता है.

नौरू की यात्रा का खर्च: नौरू की यात्रा काफी महंगी है. भारत से नौरू की यात्रा का कुल खर्च प्रति व्यक्ति लगभग ₹2.5 लाख से ₹3.5 लाख तक हो सकता है.

Nauru gained independence on January 31, 1968, and became a sovereign nation. The country joined the Commonwealth of Nations and became a member of the United Nations in 1988. In 1999, Nauru became a full member of both the Commonwealth and the United Nations. (Representative Image: Pexels)

भले ही नौरू दुनिया का सबसे छोटा द्वीपीय देश हो, लेकिन इसका इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता इसे सचमुच खास बनाती है. अगर आपको दुनिया भर में अनोखी और कम जानी-पहचानी जगहों को खोजने का शौक है, तो नौरू आपकी सूची में जरूर होना चाहिए. यह छोटा सा देश साबित करता है कि किसी जगह की पहचान उसके आकार से नहीं, बल्कि उसकी खासियतों से होती है. ( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.

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