No Enrty Tourist Places India : भारत अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर और रहस्यमयी जगहों के लिए मशहूर है. हर साल लाखों पर्यटक देश भर में घूमते हैं, लेकिन भारत में कुछ ऐसी जगहें भी हैं जहां आम लोगों का जाना या तो पूरी तरह मना है या फिर बिना खास इजाज़त के वहां नहीं जा सकते. ये पाबंदियां कई वजहों से लगाई गई हैं, जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा, धार्मिक मान्यताएं, पर्यावरण की सुरक्षा और स्थानीय समुदायों की रक्षा. आइएभारत की ऐसी ही 6 जगहों के बारे में जानते हैं…
1. बैरन आइलैंड, अंडमान
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्थित बैरन आइलैंड भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है. सुरक्षा कारणों से, आम जनता को इस द्वीप पर उतरने की अनुमति नहीं है. पर्यटक आमतौर पर समुद्र में रहते हुए इसे केवल दूर से ही देख सकते हैं.
2. नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड, अंडमान
नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड भारत की सबसे प्रतिबंधित जगहों में से एक है. इस द्वीप पर रहने वाली सेंटिनलीज़ जनजाति बाहरी दुनिया से लगभग पूरी तरह अलग-थलग रहती है. उनकी सुरक्षा और संस्कृति की रक्षा के लिए, आम जनता का द्वीप पर जाना सख्ती से मना है और इस पर कड़ी निगरानी रखी जाती है.
3. भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), मुंबई
मुंबई में स्थित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) देश के परमाणु अनुसंधान के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है. यह एक उच्च-सुरक्षा वाला क्षेत्र है, इसलिए आम जनता को यहां प्रवेश करने की अनुमति नहीं है. प्रवेश केवल विशेष नियमों के तहत अधिकृत कर्मचारियों को ही दिया जाता है.
4. परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के आसपास
भारत के कई परमाणु ऊर्जा संयंत्र राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं. इन परिसरों में आम जनता का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है. सुरक्षा मंजूरी और विशेष अनुमति के बिना यहां प्रवेश करना असंभव है.
5. कुछ पुरातात्विक और विरासत स्थल
भारत के कई खूबसूरत विरासत स्थल और स्मारक संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित हैं. सुरक्षा मानकों के कारण, आम पर्यटकों को कुछ संरचनाओं तक जाने से रोका जा सकता है. कई जगहों पर, भारतीय नागरिकों को भी विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है, जबकि विदेशी नागरिकों के लिए नियम और भी सख्त हो सकते हैं.
6. निकोबार के संरक्षित आदिवासी क्षेत्र
निकोबार द्वीप समूह के कुछ क्षेत्रों को स्थानीय आदिवासी समूहों के लिए संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया है. बाहरी लोगों का इन क्षेत्रों में आना-जाना प्रतिबंधित है ताकि बाहरी संपर्क का स्थानीय लोगों की संस्कृति, जीवन शैली और स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े.
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( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा




