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Meta ने अपना नया AI इमेज जनरेशन मॉडल Muse Image लॉन्च किया है. ये टेक्स्ट से हाई-क्वालिटी फोटो बना सकता है, इमेज एडिटिंग करता है और AI इफेक्ट्स भी देता है. हालांकि भारत में प्राइवेसी विवाद के बाद Meta ने एक फीचर वापस ले लिया.
एक लाइन लिखते ही तैयार होगी फोटो, जानें क्या है नया और क्यों हो रही आलोचना
मेटा ने अपने नए इमेज जनरेशन AI मॉडल Muse Image को लॉन्च कर दिया है. यह मेटा Superintelligence Labs का पहला इमेज जनरेशन मॉडल है, जिसे फिलहाल मेटा AI में उपलब्ध कराया गया है. कंपनी का कहना है कि Muse Image साधारण भाषा में दिए गए निर्देशों (प्रॉम्प्ट) को समझकर हाई-क्वालिटी तस्वीरें तैयार कर सकता है और मौजूदा फोटो को भी एडिट कर सकता है.
मेटा के मुताबिक, Muse Image एक साथ कई तस्वीरों को मिलाकर नई इमेज बना सकता है, बैकग्राउंड से अनचाहे ऑब्जेक्ट या व्यक्ति हटा सकता है, ऐतिहासिक स्थानों जैसी नई लोकेशन में फोटो तैयार कर सकता है और इमेज के अंदर साफ़ और पढ़ने योग्य टेक्स्ट भी जेनरेट कर सकता है.
कंपनी का दावा है कि यह मॉडल एडवांस्ड रीजनिंग का इस्तेमाल कर जटिल निर्देशों को बेहतर ढंग से समझता है.
कंपनी ने मेटा AI में 30 से ज्यादा नए AI इफेक्ट्स भी जोड़े हैं, जिन्हें Instagram Stories में इस्तेमाल किया जा सकेगा. वहीं, WhatsApp पर मेटा AI के साथ चैट के दौरान भी इमेज जेनरेशन की सुविधा सीमित देशों में शुरू की गई है और जल्द ही इसे अन्य देशों तक विस्तार दिया जाएगा.
Muse Image में Presets फीचर भी दिया गया है, जिसके जरिए यूजर्स एक टैप में पुराने फोटो को रिस्टोर कर सकते हैं, नए हेयरस्टाइल ट्राई कर सकते हैं या खुद को अलग-अलग क्रिएटिव स्टाइल में बदल सकते हैं. इसके अलावा यूजर अपने कमरे की फोटो अपलोड कर AI की मदद से नए इंटीरियर डिज़ाइन भी देख सकते हैं.
भारत में भी उठा विवाद
Muse Image के लॉन्च के बाद भारत समेत कई देशों में प्राइवेसी और सहमति (Consent) को लेकर विवाद खड़ा हो गया. शुरुआती फीचर के तहत कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक (Public) Instagram अकाउंट को @-मेंशन कर उस अकाउंट की तस्वीरों को AI इमेज बनाने के लिए रेफरेंस के रूप में इस्तेमाल कर सकता था.
इसे लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक आलोचना हुई और भारत में भी यूजर्स ने बिना स्पष्ट सहमति सार्वजनिक तस्वीरों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए. केंद्र सरकार ने भी इस फीचर की जांच करने की बात कही.
बढ़ते विरोध और प्राइवेसी संबंधी चिंताओं के बाद मेटा ने स्वीकार किया कि यह फीचर लोगों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा. कंपनी ने लॉन्च के कुछ ही दिनों के अंदर पब्लिक Instagram अकाउंट को @-मेंशन कर AI इमेज बनाने वाली सुविधा वापस लेने की घोषणा कर दी.
कंपनी के मुताबिक, Muse Image फिलहाल सामान्य उपयोग के लिए मुफ्त उपलब्ध है, जबकि ज्यादा इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए यह मेटा के सब्सक्रिप्शन प्लान का हिस्सा होगा. आने वाले समय में इसे फेसबुक एडवांटेज और विज्ञापन प्लेटफॉर्म एडवांटेज + क्रिएटिव पर भी उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही कंपनी Muse Video पर भी काम कर रही है, जो भविष्य में AI बेस्ड वीडियो जेनरेशन की सुविधा देगा.
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Afreen Afaq has started her career with Network 18 as a Tech Journalist, and has more than six years experience in ‘Mobile-Technology’ beat. She is a high-performing professional with an established and proven …और पढ़ें




