Iran Role in Donald Trump Assassination Attempt: ट्रंप पर क्या ईरान ने कराया हमला अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताई पूरी सच्चाई कौन था हत्या की साजिश के पीछे


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Trump Assassination Attack: अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा इस लेवल की होती है कि उनके आस-पास कोई परिंदा पर नहीं मार सकता है. बावजूद इसके शनिवार रात एक हाईप्रोफाइल प्रोग्राम तक एक हमलावर की पहुंच होने के बाद सवाल उठा कि ये ईरान की साजिश है? इसका जवाब खुद अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिया.

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ट्रंप ने खुद बताया किसने किया हमला.

Donald Trump White House Attack: 25 अप्रैल, 2026 को वाशिंगटन डीसी के व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन डिनर में गोलीबारी की घटना ने अमेरिका को हिला दिया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अन्य कैबिनेट मंत्री सुरक्षित निकाले गए. हमलावर कोल तोमास एलन ने बंदूक और चाकू लेकर सुरक्षा चेकपॉइंट पर हमला किया. एक सुरक्षाकर्मी घायल हुआ, लेकिन बुलेटप्रूफ वेस्ट ने उसे बचा लिया. हमलावर एलन को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन इस घटना ने अपने पीछे सवाल छोड़े- कैसे ट्रंप के इतने नजदीक तक कोई हमलावर पहुंच गए.

ट्रंप ने घटना के कुछ घंटों बाद व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह ईरान युद्ध से जुड़ा है, लेकिन आप कभी नहीं जानते. उन्होंने इसके आगे कहा कि यह मुझे ईरान युद्ध जीतने से नहीं रोकेगा. मुझे नहीं पता कि इसका इससे कोई संबंध है या नहीं लेकिन जो जानकारी हमारे पास है, उसके आधार पर मुझे वाकई नहीं लगता. ट्रंप ने हमलावर को लोन वुल्फ और बीमार व्यक्ति बताया.

हमले में ईरान का हाथ नहीं

हमले के बाद अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है कि इस हमले में ईरान का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हाथ हो. एफबीआई, सीक्रेट सर्विस और वाशिंगटन पुलिस ने स्पष्ट किया कि एलन अकेला था. कोई विदेशी संपर्क, आईआरजीसी लिंक या ईरानी फंडिंग का संकेत नहीं मिले हैं. फिलहाल जांचकर्ता उसके कैलिफोर्निया घर की तलाशी ले रहे हैं, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट्स में कोई अंतरराष्ट्रीय साजिश नहीं दिखी. ये सीधे-सीधे ईरानी एजेंट का हमला भले ही न हो लेकिन पृष्ठभूमि में ईरान-ट्रंप का पुरानी तनाव ही है. हालांकि पहले ईरानी साजिशों के आरोप लग चुके हैं –

  • 2024 में अमेरिकी अभियोजकों ने ईरान समर्थित हत्या की साजिश का दावा किया था, जिसमें पाकिस्तानी बिजनेसमैन आसिफ मर्चेंट शामिल था. उस समय ट्रंप, बाइडेन और निक्की हेली को निशाना बनाने की बात कही गई थी.
  • मार्च, 2026 में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा था कि अमेरिका ने उस ईरानी यूनिट के लीडर को मार गिराया, जो ट्रंप को मारना चाहता था. ईरान ने इन आरोपों को हमेशा खारिज किया, लेकिन अप्रैल 2026 की इस घटना से कोई जुड़ाव स्थापित नहीं हुआ.

ट्रंप ने क्यों किया इनकार?

ट्रंप का इनकार खुफिया जानकारी पर आधारित है. प्रारंभिक जांच में कोई विदेशी तत्व नहीं मिला, इसलिए उन्होंने लोन वुल्फ थ्योरी अपनाई. राजनीतिक रूप से भी यह बुद्धिमानी थी क्योंकि ईरान को दोष देकर वे युद्ध को और भड़का सकते थे या अमेरिकी जनता में भय फैला सकते थे. ट्रंप ने साफ कहा कि यह घटना उन्हें ईरान युद्ध जीतने से नहीं रोकेगी यानि वे इस घटना को युद्ध से अलग रखना चाहते हैं. फिलहाल अमेरिका-ईरान संघर्ष चरम पर है, शांति वार्ता रद्द हो चुकी है और ट्रंप दावा कर रहे हैं कि ईरान हार के कगार पर है. ऐसे में किसी भी आरोप से ट्रंप युद्ध की स्थति को भड़काना नहीं चाहते हैं.

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Prateeti Pandey

News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें



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