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प्रदर्शनी में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी का संदेश भी सुनाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘भारत आतंक के आगे कभी नहीं झुकेगा’.
अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की पहली बरसी पर एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया. Human Cost of Terrorism (आतंकवाद की मानवीय कीमत) विषय पर आधारित इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य हमले में जान गंवाने वाले 26 निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि देना और आतंकवाद के भयानक परिणामों को वैश्विक पटल पर रखना था.

प्रदर्शनी में इंटरैक्टिव डिस्प्ले, वीडियो और पीड़ितों के व्यक्तिगत अनुभवों को शामिल किया गया, ताकि दर्द की गहराई को समझा जा सके.

इसके माध्यम से यह दिखाया गया कि आतंकवाद का केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर कितना विनाशकारी और दूरगामी प्रभाव पड़ता है.
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इस आयोजन में अमेरिकी दिग्गजों की भारी मौजूदगी देखने को मिली. अमेरिका की कांग्रेस के 19 सदस्यों और 60 से अधिक कांग्रेस कार्यालयों ने इसमें अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. हाउस फॉरेन अफेयर्स, इंटेलिजेंस, आर्म्ड सर्विसेज, ज्यूडिशियरी और होमलैंड सिक्योरिटी जैसी अहम कमेटियों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम का हिस्सा बने.

अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय मूल के नागरिक, छात्र, मीडियाकर्मी और विभिन्न थिंक टैंक के सदस्य भी इसमें शामिल हुए.

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की अटूट प्रतिबद्धता को मंच से दोहराया. आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट और कड़ा संदेश साझा किया गया कि “भारत आतंक के आगे कभी नहीं झुकेगा.”





