भारतीय पत्रकारों ने गाड़े झंडे, साइबर क्राइम का पर्दाफाश करने पर जीता पुलित्जर पुरस्कार


होमदुनियाअमेरिका

भारतीय पत्रकारों ने गाड़े झंडे, साइबर क्राइम का पर्दाफाश करने पर जीता पुलित्जर

Last Updated:

Indian Jounalists Win Pulitzer Award: दो भारतीय पत्रकार आनंद आरके और सुपना शर्मा ने साइबर अपराध पर आधारित खोजी रिपोर्टिंग के लिए पुलित्जर पुरस्कार जीता. यह सम्मान उन्हें नैटली ओबिको पियर्सन के साथ इलस्ट्रेटेड रिपोर्टिंग श्रेणी में ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के लिए मिला. देवज्योत घोषाल इसी श्रेणी में फाइनलिस्ट रहे.

ख़बरें फटाफट

Zoom

आनंद आरके और सुपना शर्मा. (आईएएनएस)

न्यूयॉर्क: भारत से जुड़े पत्रकारों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है. दो भारतीय पत्रकारों- आनंद आरके और सुपना शर्मा ने साइबर अपराध को उजागर करने वाली एक अहम खोजी रिपोर्टिंग परियोजना के लिए प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार जीता है. उन्हें यह सम्मान नैटली ओबिको पियर्सन के साथ इलस्ट्रेटेड रिपोर्टिंग और कमेंट्री श्रेणी में दिया गया. यह पुरस्कार उन्हें ब्लूमबर्ग के लिए तैयार की गई एक विशेष रिपोर्ट के लिए मिला. पुलित्जर पुरस्कार, जिसे अमेरिका में पत्रकारिता का सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है, का संचालन न्यूयॉर्क स्थित कोलंबिया विश्वविद्यालय के ग्रेजुएट स्कूल ऑफ जर्नलिज्म की ओर से किया जाता है.

इस श्रेणी में एक अन्य भारतीय पत्रकार देवज्योत घोषाल फाइनलिस्ट रहे. उन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया में फैल रहे साइबर अपराध और मानव तस्करी के जाल का पर्दाफाश किया था. उनकी रिपोर्ट में बताया गया कि किस तरह अपराधी भारत समेत कई देशों के लोगों को झांसे में लेकर कैंपों में बंद कर देते हैं और उनसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन ठगी करवाई जाती है. देवज्योत घोषाल वर्तमान में बैंकॉक में रहते हैं.

वहीं, हनोई में रहने वाले पत्रकार अनिरुद्ध घोषाल ने इंटरनेशनल रिपोर्टिंग श्रेणी में पुलित्जर पुरस्कार हासिल किया. उनकी रिपोर्ट अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल की ओर से बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जा रहे गुप्त निगरानी उपकरणों पर केंद्रित थी. इन उपकरणों को पहले सिलिकॉन वैली में विकसित किया गया और बाद में चीन में और उन्नत बनाया गया. रिपोर्ट में यह भी खुलासा किया गया कि चीन और अन्य देश इन तकनीकों का किस तरह उपयोग कर रहे हैं

ब्लूमबर्ग की इस विजेता सचित्र रिपोर्ट में लखनऊ की न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. रुचिरा टंडन की दिल दहला देने वाली कहानी को विस्तार से दिखाया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक साइबर अपराधियों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर उन्हें 6 दिनों तक एक तरह से नजरबंद रखा और इस दौरान उनके बैंक खातों से करीब 2.8 करोड़ रुपये की ठगी कर ली. पुलित्जर पुरस्कार समिति ने अपनी घोषणा में कहा कि इस रिपोर्ट सीरीज ने डिजिटल ठगी और निगरानी जैसी बढ़ती वैश्विक समस्याओं को प्रभावी तरीके से उजागर किया है. आनंद आरके मुंबई के एक जाने-माने इलस्ट्रेटर और विजुअल आर्टिस्ट हैं, जिन्हें पहले भी कई पुरस्कार मिल चुके हैं. वहीं, सुपना शर्मा भारत की एक फ्रीलांस खोजी पत्रकार हैं, जो लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दों पर रिपोर्टिंग करती रही हैं.

About the Author

authorimg

Prateeti Pandey

News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img