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Mount Abu Palanpur Point Trekking Guide: राजस्थान के इकलौते हिल स्टेशन माउंट आबू में मानसून के दौरान 12 किमी लंबा ‘पालनपुर पॉइंट’ ट्रेक पर्यटकों और ट्रेकर्स को खूब भा रहा है. गौमुख मार्ग से शुरू होने वाला यह ट्रेक माउंट आबू वाइल्डलाइफ सेंचुरी का हिस्सा है, जहां अपर कोदरा डैम और सुंदर झरने देखने को मिलते हैं. व्यू पॉइंट से अरावली का 360 डिग्री नजारा दिखता है. गुजरात का पालनपुर शहर दिखने के कारण इसे यह नाम मिला. घने जंगलों और भालू-तेंदुए जैसे वन्यजीवों की मौजूदगी के चलते वन विभाग के गाइड के साथ सुबह जल्दी जाने की सलाह दी गई है.
हिल स्टेशन माउंट आबू में पर्यटकों के लिए वैसे तो कई टूरिस्ट पॉइंट हैं, लेकिन मानसून के दौरान यहां की कुछ खास हिडन लोकेशन ट्रेकिंग और एडवेंचर पसंद करने वाले लोगों को काफी आकर्षित करती हैं. अरावली की वादियों और बादलों के बीच दिखाई देने वाले खूबसूरत नजारे हर किसी का मन मोह लेते हैं. ऐसी ही एक खास लोकेशन है माउंट आबू का पालनपुर पॉइंट. करीब 12 किलोमीटर लंबा यह ट्रेक माउंट आबू वन्यजीव सेंचुरी में बनी एक नेचुरल ट्रेल है.
माउंट आबू के ट्रेवल और एडवेंचर गाइड चिंटू यादव ने बताया कि पालनपुर पॉइंट की नेचुरल ट्रेल से पहाड़ी पर बने एक व्यू पॉइंट तक पहुंचा जा सकता है. यह जगह एडवेंचर पसंद करने वाले लोगों को भीड़भाड़ से दूर प्रकृति के बीच सुकून का एहसास कराती है. रास्ते में अपर कोदरा डेम का खूबसूरत नजारा भी देखने को मिलता है. मानसून के दौरान डेम के ओवरफ्लो होने पर यहां पानी झरने के रूप में बहता है, जिससे आसपास का नजारा और भी आकर्षक हो जाता है.
इस ट्रेक की शुरुआत माउंट आबू के गौमुख मार्ग से होती है. यहां से फिल्टर हाउस के पास से होकर करीब दो घंटे की चढ़ाई के बाद अपर कोदरा डेम पहुंचा जाता है. बांध के बाद घास के मैदान और पथरीले रास्ते से होते हुए पहाड़ी के ऊपरी व्यू पॉइंट पालनपुर पॉइंट तक पहुंचते हैं. यहां से अरावली की पहाड़ियों का 360 डिग्री व्यू देखने को मिलता है. मानसून के दौरान बादलों के बीच यहां का नजारा देखते ही बनता है. रास्ते में कई जगहों पर खूबसूरत झरने भी देखने को मिलते हैं, जो इस ट्रेक को और भी रोमांचक बना देते हैं.
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इस नेचुरल ट्रेल में आपको कई वन्यजीव भी देखने को मिल सकते हैं. यह पूरा इलाका माउंट आबू वाइल्डलाइफ सेंचुरी का हिस्सा है. कई बार यहां स्लॉथ बेयर, तेंदुआ और ग्रे लंगूर के अलावा ग्रीन मुनिया जैसे दुर्लभ पक्षी भी नजर आ जाते हैं. ऐसे में किसी खतरनाक वन्यजीव के नजर आने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है और ट्रेक के दौरान वन विभाग से प्रशिक्षित गाइड को साथ रखना बेहतर होता है. रास्ते में कई जगहों पर विशाल जामुन और आम के पेड़ भी देखने को मिलते हैं.
यहां आने का सही समय सुबह का होता है. यह जगह खूबसूरत होने के साथ सुनसान भी रहती है, इसलिए अकेले यहां आने से बचना चाहिए. रास्ता भटकने और वन्यजीवों से जुड़े जोखिम को देखते हुए गाइड के निर्देशों का पालन करते हुए ही ट्रेकिंग करनी चाहिए. इसके अलावा अच्छी ग्रिप वाले जूते, पर्याप्त पानी और अन्य जरूरी सामान साथ लेकर चलना चाहिए.
लंबी ट्रेकिंग के बाद यहां पहुंचने पर शांति का एहसास होता है, यही वजह है कि मानसून के दौरान कई पर्यटक इस जगह पर आना पसंद करते हैं. माना जाता है कि इस स्थान का नाम गुजरात के पालनपुर शहर के नाम पर पड़ा है. माउंट आबू से गुजरात की ओर जाने पर सबसे पहला प्रमुख शहर पालनपुर ही नजर आता है, संभवतः इसी वजह से इस पॉइंट को यह नाम मिला. ट्रेक लंबा और चुनौतीपूर्ण होने के कारण सांस या चलने में दिक्कत वाले लोगों को यहां आने से बचना चाहिए.




