अमेर‍िका से 3 द‍िन में आएगी खुशखबरी! ट्रेड डील पर वॉशिंगटन में होने जा रही महाबैठक, जानें क्‍या दांव पर


Agency:एजेंसियां

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भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) को लेकर कल यानी 20 अप्रैल से वॉशिंगटन में तीन दिवसीय अहम बातचीत शुरू होने जा रही है. अगर बात बनती है तो भारत के एक्सपोर्ट और कारोबार को बड़ा फायदा मिल सकता है.

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20 अप्रैल से वॉशिंगटन में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ी बैठक! (फोटो- पीटीआई)

नई दिल्ली. भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. 20 अप्रैल से वॉशिंगटन में तीन दिन तक अहम बातचीत होने जा रही है, जिससे बड़ी खुशखबरी की उम्मीद जताई जा रही है. भारत की ओर से करीब एक दर्जन अधिकारियों की टीम अमेरिका पहुंच रही है. टीम की अगुवाई वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन कर रहे हैं. बदलते टैरिफ नियमों के बीच दोनों देश नई शर्तों पर सहमति बनाने की कोशिश करेंगे. इस डील पर अरबों डॉलर का ट्रेड दांव पर लगा है. अब सबकी नजर इस महाबैठक के नतीजों पर टिकी है.

दरअसल, अमेरिका में टैरिफ को लेकर बदले नियमों ने पुराने ट्रेड समीकरणों को बिगाड़ दिया है. पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए भारी टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था, जिसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने 24 फरवरी से सभी देशों पर 150 दिनों के लिए 10% का एक समान टैरिफ लगा दिया है. इस नए नियम की वजह से भारत और अमेरिका को अपने पुराने समझौते के मसौदे को फिर से लिखना पड़ रहा है.

क्या होगा भारत पर असर?
पुराने फ्रेमवर्क के तहत, अमेरिका भारतीय सामानों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% करने पर सहमत हुआ था. लेकिन अब 10% के नए नियम के बाद भारत का वह ‘खास फायदा’ खत्म होता दिख रहा है जो उसे दूसरे देशों के मुकाबले मिलने वाला था. यही वजह है कि अधिकारी अब समझौते को ‘रीकैलिब्रेट’ यानी नए सिरे से तैयार करने पर चर्चा करेंगे.

चीन ने छीना अमेरिका का ताज
यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब साल 2025-26 में चीन ने अमेरिका को पछाड़कर भारत के सबसे बड़े ट्रेडिंग पार्टनर का खिताब फिर से हासिल कर लिया है. पिछले चार सालों (2021-22 से 2024-25) तक अमेरिका इस लिस्ट में टॉप पर बना हुआ था. भारत और चीन के बीच कुल ट्रेड 151.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. बीते वित्त वर्ष में अमेरिका के साथ भारत का ट्रेड सरप्लस भी कम होकर 34.4 अरब डॉलर रह गया है.

500 अरब डॉलर के ऊर्जा प्रोडक्ट, विमान और तकनीक खरीदने का संकेत
इस बैठक में भारत उन आरोपों को भी मजबूती से खारिज करेगा जो अमेरिका ने अपनी ‘सेक्शन 301’ जांच के तहत भारत पर लगाए हैं. भारत पहले ही अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा प्रोडक्ट, विमान और तकनीक खरीदने का संकेत दे चुका है, जिसके बदले में वह अपने कृषि और इंडस्ट्रियल सामानों के लिए बेहतर बाजार चाहता है.

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विनय कुमार झा

प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद पिछले 8 सालों से News18Hindi में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. लगभग 4 सालों से बिजनेस न्यूज टीम का हिस्सा हैं. मीडिया में करीब डेढ़ दशक का अनुभव रखते हैं. बिजन…और पढ़ें



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