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डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद में वार्ता से पहले ईरान पर तंज कसा. कहा- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से रोज 500 मिलियन डॉलर यानी करीब 4000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है. डील न मानने पर सैन्य हमले की धमकी दी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ओर अपनी टीम पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद भेजने का ऐलान किया, साथ ही ईरान पर तंज कसना नहीं भूले. ट्रंप ने होर्मुज बंद होने का नफा नुकसान गिनवा दिया. बताया कि इस रस्साकशी से किसे फायदा हो रहा है और किसकी जेब बुरी तरह कट रही है. ट्रंप ने कहा- होर्मुज का रास्ता बंद होने से ईरान को हर दिन 500 मिलियन डॉलर यानी करीब चार हजार करोड़ का तगड़ा घाटा हो रहा है. मेरा क्या, मेरा तो धेले भर का नुकसान नहीं है.
दरअसल, ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था की सांसें कच्चे तेल के निर्यात से ही चलती हैं. होर्मुज दुनिया भर के तेल व्यापार की सबसे बड़ी और अहम नस है. जब से यह रास्ता बंद हुआ है, ईरान का तेल दुनिया के बाजारों तक नहीं पहुंच पा रहा है. ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिका ने जो नौसैनिक नाकेबंदी कर रखी है, उसने ईरानी तेल टैंकरों के पहियों पर ब्रेक लगा दिया है. सीधा सा गणित है, कच्चा तेल बिकेगा नहीं तो डॉलर आएंगे नहीं और ईरान का खजाना खाली होता जाएगा. ट्रंप इसी नुकसान की बात कर रहे हैं. जो तेल बेचकर ईरान अपनी अर्थव्यवस्था की गाड़ी खींचता है, वो अब समंदर के किनारे खड़ा-खड़ा सड़ रहा है. एक दिन रास्ता बंद रहने का सीधा मतलब है 500 मिलियन डॉलर की कमाई का पानी में बह जाना.
ईरान अनजाने में अमेरिका की ही मदद कर रहा
ट्रंप ने लिखा कि ईरान अनजाने में अमेरिका की ही मदद कर रहा है. जहां एक तरफ ईरान की अर्थव्यवस्था इस रास्ते के बंद होने से हांफने लगी है, वहीं अमेरिका पूरी तरह से मजे में है. ट्रंप ने साफ कहा कि इस बंदी से अमेरिका का कोई नुकसान नहीं है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि अमेरिका अब तेल के लिए खाड़ी देशों पर उस तरह से निर्भर नहीं है, जैसा वो आज से दो-तीन दशक पहले हुआ करता था. ट्रंप ने खुद अपने मैसेज में टेक्सास, लुइसियाना और अलास्का का जिक्र किया है, जहां अमेरिका के पास अपने कच्चे तेल के विशाल भंडार मौजूद हैं. उल्टा, अगर मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई रुकती है और ग्लोबल मार्केट में तेल के दाम बढ़ते हैं, तो अमेरिकी तेल कंपनियों की तो चांदी हो जाती है. ट्रंप ने ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) पर तंज कसते हुए कहा कि वे हमेशा ‘टफ गाय’ यानी बाहुबली बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन असल में अपना ही नुकसान करवा रहे हैं.
अल्टीमेटम भी दिया
इस आर्थिक नफा-नुकसान को गिनाने के साथ ही ट्रंप ने ईरान को एक बेहद खतरनाक और सीधा अल्टीमेटम भी दे दिया है. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच जो बातचीत होने वाली है, उससे ठीक पहले ट्रंप ने ईरान की सबसे दुखती रग पर हाथ रख दिया है. ट्रंप का कहना है कि अमेरिका बातचीत की मेज पर एक बहुत ही बढ़िया और वाजिब डील ऑफर कर रहा है, और ईरान के लिए भलाई इसी में है कि वो इसे मान ले. उन्होंने साफ धमकी दी है कि अगर ईरान ने अकड़ दिखाई और यह डील ठुकराई, तो अमेरिका ईरान के एक-एक पावर प्लांट और एक-एक पुल को चुन-चुन कर उड़ा देगा. ट्रंप ने अपने मैसेज में यह स्पष्ट कर दिया है कि ‘नो मोर मिस्टर नाइस गाय’ यानी अब अमेरिका कोई शराफत नहीं दिखाएगा.
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