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US News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने AI कंपनी एंथ्रोपिक की तकनीक पर सरकारी बैन लगाने का आदेश दिया है. कंपनी ने सेना को बिना रोक AI देने से इनकार किया था. रक्षा मंत्री ने इसे सप्लाई चेन रिस्क बताया. एंथ्रोपिक ने कोर्ट जाने की चेतावनी दी है. OpenAI ने भी कंपनी का समर्थन किया.
वॉशिंगटन: अमेरिका में AI कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) ने अमेरिकी युद्ध विभाग के सामने झुकने से इनकर कर दिया, जिसका खामियाजा अब भुगतना पड़ेगा. डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एंथ्रोपिका का इस्तेमाल सभी संघीय विभागों के लिए बैन कर दिया है. इस एआई का इस्तेमाल तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है. यह निर्णय पेंटागन और एंथ्रोपिक के बीच AI से जुड़े सुरक्षा मानकों को लेकर चल रहे विवाद के कारण लिया गया है. ट्रंप ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बताया. वहीं एंथ्रोपिक पर हमला बोलते हुए कहा कि अमेरिका किसी ‘रैडिकल लेफ्ट और वोक कंपनी’ को अपनी सेना के फैसले नहीं करने देगा. वहीं इस मौके पर अमेरिका की दूसरी AI कंपनी ओपन AI की बल्ले-बल्ले हो गई है. एंथ्रोपिक पर बैन होने के कुछ ही घंटे बाद ओपन AI ने अमेरिकी युद्ध विभाग के साथ समझौता किया. उसने अपने AI मॉडल्स को सैन्य नेटवर्क में तैनात करने पर सहमति जताई.
अमेरिकी सेना और एंथ्रोपिक का विवाद क्या है?
यह पूरा विवाद एंथ्रोपिक कंपनी की तकनीक को लेकर है. पेंटागन चाहता थी कि कंपनी अपनी AI पर लगे कुछ सुरक्षा नियम ढीले कर दे, ताकि अमेरिका की सेना इस तकनीक का ज्यादा खुलकर इस्तेमाल कर सके. इसमें बड़े स्तर पर निगरानी करना और ऐसे हथियार बनाना भी शामिल है जो बिना इंसान के खुद फैसले लेकर हमला कर सकें. लेकिन एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने साफ मना कर दिया. उन्होंने कहा कि अभी AI इतनी भरोसेमंद नहीं है कि उसे बिना इंसान की निगरानी के किसी पर हमला करने या टारगेट तय करने के काम में लगाया जाए. उनका कहना है कि अगर ऐसा किया गया तो गलत फैसले हो सकते हैं और इससे सैनिकों की जान भी खतरे में पड़ सकती है.
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