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व्हाइट हाउस से 650 फीट दूर (लगभग 200 मीटर) सिक्योरिटीज बिल्डिंग की 8.4 मिलियन डॉलर में एक शख्स ने खरीदा है. वह चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ा बताया जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक खरीदार फिलिप किउ का संबंध चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े संगठनों से रहा है. उनकी पृष्ठभूमि को लेकर भी सवाल उठे हैं. पूर्व CIA अधिकारियों से जांच की जरूरत बताई गई है.
व्हाइट हाउस से 200 मीटर दूर चीन से जुड़े अधिकारी ने जमीन खरीदी है.
वॉशिंगटन: अमेरिका में व्हाइट हाउस से महज 200 मीटर दूर एक ऐतिहासिक इमारत की खरीद ने सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया विशेषज्ञों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. मीडिया रिपोर्ट DCNF के मुताबिक, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) से जुड़े बताए जा रहे फिलिप किउ (Philip Qiu) ने अपने पारिवारिक फाउंडेशन के जरिए वॉशिंगटन स्थित सिक्योरिटीज बिल्डिंग को करीब 84 लाख डॉलर में खरीदा है. यह सौदा 21 जुलाई 2026 को पूरा होने की बात कही गई है. इमारत की व्हाइट हाउस से बेहद कम दूरी और किउ के CCP जुड़े होने को देखते हुए अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह खरीद सिर्फ एक कारोबारी सौदा है या इसके पीछे कोई रणनीतिक मकसद भी हो सकता है.
कौन हैं फिलिप किउ?
रिपोर्ट के मुताबिक, किउ ने शंघाई की क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन टीम में काम किया है. यह टीम शंघाई पब्लिक सिक्योरिटी ब्यूरो के तहत आती है, जो चीन के मिनिस्ट्री ऑफ पब्लिक सिक्योरिटी से जुड़ा है. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि Qiu ने स्नाइपर और कॉम्बैट ट्रेनिंग ली थी. 2011 में शंघाई जिओ टोंग विश्वविद्यालय में हुए एक वॉरगेम के दौरान उनके सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्नाइपर प्रदर्शन का भी जिक्र किया गया है. फिलहाल वह ऐसे फाउंडेशन की अध्यक्षता करते हैं, जिसे रिपोर्ट में चीन के यूनाइटेड फ्रंट वर्क डिपार्टमेंट (UFWD) से जुड़ा बताया गया है.
भारतीय एक्सपर्ट्स की भी नजर
एक्सपर्ट्स की मुख्य चिंता इमारत की लोकेशन को लेकर है. व्हाइट हाउस परिसर से सिर्फ 650 फीट की दूरी किसी भी संवेदनशील सरकारी गतिविधि के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा सकती है. पहले भी देखा गया है कि कई देश जासूसी के लिए किसी खास बिल्डिंग के आसपास सेटअप लगाते हैं. इस मामले को लेकर भारतीय खुफिया सूत्रों ने भी चिंता जताई है. सूत्रों ने इस घटनाक्रम को चीन की ‘सॉफ्ट टूल्स’ रणनीति का उदाहरण बताया है. उनके मुताबिक, चीन अपनी व्यापक खुफिया और विस्तारवादी नीति के तहत सिर्फ सैन्य या पारंपरिक तरीकों पर निर्भर नहीं रहता, बल्कि संपत्ति, संस्थाओं, कारोबारी नेटवर्क, सांस्कृतिक संगठनों और प्रवासी चीनी लोगों के जरिए भी अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश करता है.
DCNF की रिपोर्ट में पूर्व CIA अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि इस खरीद की अमेरिकी संघीय एजेंसियों को जांच करनी चाहिए. आशंका यह जताई गई है कि ऐसी लोकेशन से निगरानी या इलेक्ट्रॉनिक जानकारी जुटाने की संभावनाएं पैदा हो सकती हैं.
चीन पर पहले भी लगते रहे हैं ऐसे आरोप
रिपोर्ट में ऐसे दूसरे मामलों का भी जिक्र है, जहां CCP से जुड़े बताए गए लोगों या संस्थाओं ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के आसपास जमीन या संपत्ति खरीदी. इनमें टेक्सास के लॉफलिन एयर फोर्स बेस और नॉर्थ डकोटा के ग्रैंड फोर्क्स एयर फोर्स बेस के आसपास की संपत्तियां शामिल हैं.
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Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…
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