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BLDC vs Normal Fan: हम सबके घरों में सालों साल से नॉर्मल सीलिंग फैन लगे हुए हैं. उसी की हवा के बूते हम सबने ना जाने कितनी बार गर्मी में राहत फील की है. लेकिन पिछले पांच छह साल से मार्केट में ब्रशलेस डायरेक्ट करंट फैन (बीएलडीसी सीलिंग फैन) की खूब बातें हो रही है. इसी वजह से आजकल घरों में ये चर्चा आम है कि नॉर्मल फैन लगाएं या बीएलडीसी सीलिंग फैन. मन में सवाल उठता है कि कौन सा सीलिंग फैन ज्यादा एनर्जी बचाता है. किसका मेंटेंनेस और रिपेयरिंग सस्ता ओर आसान है. इंवर्टर पर कौन सा पंखा ज्यादा बैकअप देता है. आइए इन तमाम सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं.
घर में यूज के लिए बीएलडीसी फैन लें या पुराना सीलिंग फैन ही ठीक है.
देश के ज्यादातर हिस्सों में मॉनसून ने दस्तक दे दी है, लेकिन यह तय है कि कम से कम अक्टूबर के अंत तक घरों में पंखे चलाने की जरूरत बनी रहेगी. पिछले पांच-छह साल से मार्केट में कई कंपनियों ने ब्रशलेस डायरेक्ट करंट फैन (BLDC) उतारे हैं. बाकी दूसरा ऑप्शन तो है ही नॉर्मल फैन का. आजकल घरों में अक्सर इस बात को लेकर बातें होती हैं कि वही पुराने पैर्टन वाले सीलिंग फैन लगाए जाएं या नई टेक्नोलॉजी वाले बीएलडीसी फैन. घर में जो वरिष्ठ हैं जैसे दादा-दादी या मम्मी-पापा, उनकी राय होती है कि हम सालों साल से नॉर्मल सीलिंग फैन यूज करते आ रहे हैं तो उसी के साथ चलते हैं. वहीं फैमिली का युवा वर्ग नई बीएलडीसी फैन के ऑप्शन पर जोर देते हैं. हो सकता है कि इन दिनों आपके घर में भी बातें हो रही होंगी कि नॉर्मल फैन या बीएलडीसी? तो चलिए दोनों तरह के सीलिंग फैन के फायदे और नुकसान के बारे में जानते हैं.
एनर्जी सेविंग: बीएलडीसी vs नॉर्मल पंखा
जिन भी कंपनियों ने बीएलडीसी फैन मार्केट में उतारे हैं उनका दावा है कि यह पुराने पंखे के तुलना में 65 फीसदी Energy Save करते हैं. जिन लोगों ने इसकी रियल टेस्टिंग की है, वो अपने एक्स्पेरिएंस से बताते हैं कि नॉर्मल सीलिंग फैन 50 से 60 वॉट की एनर्जी खपत करता है. यानी अगर किसी कमरे में नॉर्मल सीलिंग फैन हर रोज 8 घंटे चलता है तो 12 महीने में करीब 12 यूनिट बिजली यूज करेगा. अगर बिजली का रेट 10 रुपये यूनिट मान लें तो नॉर्मल सीलिंग फैन चलाने पर 120 रुपये का खर्च होगा.
वहीं अगर कोई अपने कमरे में बीएलडीसी फैन लगाया है जो करीब 28 वॉट एनर्जी खपत करता है. अगर से फुल स्पीड में भी चलाया जाएगा तो अधिकतम 35 वॉट एनर्जी खपत होगी. अब इसे भी हर रोज आठ घंटे चलाया जाता तो महीने में यह 8.4 यूनिट बिजली यूज करेगा. 10 रुपये यूनिट बिजली के हिसाब से यह खर्च 84 रुपये का होगा. यानी एनर्जी सेविंग के मामले में हर महीने बीएलडीसी फैन साफ तौर से नॉर्मल फैन के मुकाबले 36 रुपये की सेविंग कर रहा है. इसे पूरे साल के हिसाब से जोड़ें तो 432 रुपये की सेविंग.
सुविधा: बीएलडीसी vs नॉर्मल पंखा
बीएलडीसी फैन में रिमोट होता है. इस वजह से आप अपने बिस्तर पर लेटे-लेटे या सोफे पर बैठे-बैठे पंखे को बंद और चालू करने के साथ अपने हिसाब से कम या ज्यादा स्पीड पर चला सकते हैं. रिमोट होने के चलते आप स्टॉर्ट और स्टॉप का टाइमर भी सेट कर सकते हैं. कई कंपनियां बीएलडीसी फैन में नाइट लाइट की सुविधा भी देती है. यानी जिन लोगों को हल्की रोशनी में सोने की आदत है उन्हें अलग से लाइट लगाने की जरूरत नहीं है. इसमें एलईडी इंडिकेटर भी होता है. इसके अलावा आप बीएलडीसी फैन को अपने मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करके भी हैंडल कर सकते हैं. जबकि नॉर्मल सीलिंग फैन में ऐसे कोई फीचर नहीं होते हैं.
इंवर्टर बैकअप: बीएलडीसी vs नॉर्मल पंखा
बीएलडीसी फैन सबसे ज्यादा इंवर्टर पर कारगर माने जाते हैं. बीएलडीसी 35 वॉट एनर्जी यूज करे हैं और नॉर्मल फैन 50 से 60 वॉट. इस वजह से इंवर्टर एनर्जी पर नॉर्मल फैन अगर 1 घंटे चल पा रहा है तो बीएलडीसी करीब दो घंटे तक चल जाएगा. इसको दूसरे रूप में समझें तो इंवर्टर पर जितनी एनर्जी से एक पंखा चल रहा है बीएलडीसी उतने में करीब दो चला पाएंगे.
कीमत: बीएलडीसी vs नॉर्मल पंखा
ठीक-ठाक नॉर्मल सीलिंग फैन 1200 से 1500 रुपये की रेंज से शुरू हो जाते हैं. वहीं बीएलडीसी सीलिंग फैन सबसे कम 2500 रुपये से स्टॉर्ट होते हैं. लेकिन एनर्जी सेविंग होने के चलते बीएलडीसी दो साल में अपनी कीमत वसूल लेती है.
मेंटेंनेस और रिपेयरिंग: बीएलडीसी vs नॉर्मल पंखा
नॉर्मल सीलिंग फैन अगर खराब हो जाता है तो आप इसे अपने आस-पास किसी भी बिजली मिस्त्री (इलेक्ट्रीशियन) को बुलाकर ठीक करवा सकते हैं. लेकिन बीएलडीसी फैन के साथ ऐसा नहीं है. इसे लोकल मिस्त्री हाथ नहीं लगा पाएंगे. बीएलडीसी की अगर पीसीबी खराब हुई तो आपको कंपनी से ही मंगवानी पड़ेगी. इसकी कीमत करीब हजार रुपये होगी. बीएलडीसी मोटर में खराबी आती है तो वो भी आप लोकल रिपेयर नहीं करा पाओगे. इसके लिए भी कंपनी के लोग ही आकर चेंज कर पाएंगे.
एक जरूरी बात यह है कि आप जैसे ही स्विच ऑन करते हैं नॉर्मल सीलिंग फैन चलने लगता है, लेकिन बीएलडीसी के साथ एक दिक्कत है कि अगर यह एकाध साल पुरानी हो गई तो स्विच ऑन करने के बाद करीब 3-5 सेकेंड के बाद ही चलना शुरू होता है.
यहां मैंने कोशिश की है कि आपको नॉर्मल सीलिंग फैन और बीएलडीसी सीलिंग फैन की जरूरी फायदे और नुकसान बता पाऊं. अब आप खुद तय करें कि कौन सा ऑप्शन आपके लिए उपयुक्त है.
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अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर काम कर रहे हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक मुद्दों पर लिखते …और पढ़ें




