‘नागरिकता दिलाने के लिए शादी’, अमेरिकी डांस टीचर ने की गाजा के शख्स से मैरिज, अब फंस गई


अमेरिका के कैलिफोर्निया की 51 वर्षीय डांस टीचर लॉरा पिन्हो इन दिनों बड़े विवाद में हैं. उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने गाजा में रहने वाले सालेम एस.ई. अबू अमरा से शादी की है. उनका कहना है कि उन्होंने यह कदम सिर्फ प्यार की वजह से नहीं, बल्कि उसे अमेरिका की नागरिकता दिलाने में मदद करने के लिए उठाया है. उसने ये सब फिलिस्तीनी लोगों के समर्थन के लिए उठाया.

वेबिनार में खुद किया खुलासा

लॉरा ने 16 जून को एक ऑनलाइन वेबिनार के दौरान अपनी शादी का खुलासा किया. उन्होंने कहा कि वो अमेरिकी नागरिक हैं. उनके पास ऐसा पासपोर्ट है जो उन्हें जन्म से मिला है. अगर वो किसी की मदद कर सकती हूं, तो मुझे ऐसा करना चाहिए.”

ऑनलाइन हुई शादी

मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि दोनों ने 5 अप्रैल को यूटा की ऑनलाइन मैरिज सिस्टम के जरिए शादी की. अमेरिकी नागरिक अलग-अलग देशों में रहते हुए भी ऑनलाइन शादी कर सकते हैं. इसमें यूटा कानून के तहत शादी का लाइसेंस और जरूरी दस्तावेज पूरे होने चाहिए तभी मान्य होती है.

अब कानूनी जांच का खतरा

इमिग्रेशन जानकारों का कहना है कि अगर किसी से सिर्फ ग्रीन कार्ड या नागरिकता दिलाने के मकसद से शादी की जाती है, तो यह अमेरिका में गंभीर अपराध माना जाता है.

इमिग्रेशन वकीलों का मानना है कि लॉरा के सार्वजनिक बयान उनके खिलाफ जांच की वजह बन सकते हैं. अमेरिकी कानून कहता है कि अगर शादी सिर्फ इमिग्रेशन फायदा दिलाने के लिए की गई तो ये अपराध है. इससे 5 साल तक की जेल और 2.5 लाख डॉलर तक जुर्माना हो सकता है.

फेसबुक से शुरू हुई थी दोस्ती

लॉरा ने बताया कि उनकी मुलाकात अबू अमरा से फेसबुक पर आपसी दोस्तों के जरिए हुई थी. बाद में उन्होंने उसकी आर्थिक मदद की और वहीं से दोनों की बातचीत बढ़ती गई.

शादी से एक महीने पहले लॉरा ने अबू अमरा के लिए गो-फंड-मी पर फंड जुटाने का अभियान भी शुरू किया था. उन्होंने लिखा था कि अबू अमरा गाजा में अपने पांच सदस्यों वाले परिवार की देखभाल कर रहा है. रोजाना पानी व खाने का इंतजाम करने के लिए मशक्कत करता है.

निजी जिंदगी भी चर्चा में लॉरा

लॉरा अभी भी अपने पूर्व पार्टनर डेरेक रीड के साथ एक ही घर में रहती हैं. दोनों का एक 5 साल का बच्चा भी है, लेकिन वे अब अलग हो चुके हैं. डेरेक ने कहा कि उन्हें इस शादी की कोई जानकारी नहीं थी. उनका दावा है कि इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर मतभेद हुए थे. उसके बाद लॉरा के विचार काफी बदल गए थे और वह अब उनके लिए चिंता महसूस करते हैं.

स्कूल में भी करती हैं फिलिस्तीन का समर्थन

लॉरा अपने स्कूल में ‘स्टूडेंट्स फॉर जस्टिस इन फिलिस्तीन’ क्लब की को-स्पोंसर्ड हैं. उन्होंने बताया कि वह डांस क्लास के दौरान छात्रों को फिलिस्तीनी कल्चर और इतिहास पढ़ाती हैं. वो उन्हें फिलिस्तीनी पहचान के बारे में भी बताती हैं.

फिलहाल यह साफ नहीं है कि अबू अमरा अमेरिका पहुंच चुके हैं या नहीं. वहीं, लॉरा के बयानों के बाद इस मामले पर संघीय एजेंसियों की नजर बनी हुई है.



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