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Himanta Biswa Sarma Nomination: असम में 9 अप्रैल 2026 को वोट डाले जाने हैं. उससे पहले विभिन्न दलों के नेतओं की ओर से शक्ति प्रदर्शन करने का सिलसिला लगातार जारी है. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार 20 मार्च 2026 को पर्चा दाखिल किया. इस दौरान उन्होंने एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए जनसमूह के साथ रोड-शो किया. इस दौरान पूरा माहौल केसरियामय हो गया. केसरिया गुलाल और भाजपा के झंडों से पूरी सड़क पट गई. स्थानीय लोग अपनी छतों से फूल बरसाते भी देखे गए.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को जलुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल करने से पहले शक्ति प्रदर्शन करते हुए एक भव्य रोड शो निकाला. यह जुलूस खानापाड़ा स्थित वेटरिनरी फील्ड से शुरू होकर लगभग 5.6 किलोमीटर दूर कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिला निर्वाचन कार्यालय तक गया, जिसमें भारी संख्या में समर्थक शामिल हुए. मुख्यमंत्री एक खुले वाहन पर सवार थे. उनके साथ उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा, पुत्र नंदिल बिस्वा सरमा और भाजपा की गुवाहाटी लोकसभा सांसद बिजुली कलिता मेधी मौजूद थीं. रातभर और सुबह हुई भारी बारिश के बावजूद समर्थकों का उत्साह कम नहीं हुआ और सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग मैदान में जुट गए थे. (हिमंता बिस्वा सरमा के X अकाउंट से साभार)

नामांकन दाखिल करने से पहले सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने अपनी मां मृणालिनी देवी का आशीर्वाद लिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि शुभ कार्य हमेशा मां के आशीर्वाद से शुरू होने चाहिए और उनकी मां का आशीर्वाद उन्हें ‘आई असोमी’ यानी असम की सेवा करने की शक्ति देता है. हिमंता बिस्वा सरमा पिछले दो दशकों से जलुकबाड़ी सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और इस बार लगातार छठी बार जीत दर्ज करने की कोशिश में हैं. उन्होंने साल 1996 में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में पहली बार चुनाव लड़ा था, लेकिन असम गण परिषद (AGP) के दिग्गज नेता भृगु कुमार फूकन से हार गए थे. हालांकि, 2001 में उन्होंने इसी सीट से जीत हासिल की और तब से लगातार अपनी पकड़ मजबूत करते गए. (फोटो: PTI)

हिमंता बिस्वा सरमा के रोडशो के दौरान उनके समर्थक उनका मास्क लगाकर स्पाइडरमैन की तरह नजर आए. लोगों के बीच यह आकर्षण का केंद्र रहा. सीएम हिमंता की जीत का अंतर हर चुनाव में बढ़ता गया और साल 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने रिकॉर्ड 1.01 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने 2015 में कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा और इसके बाद राज्य की राजनीति में उनकी भूमिका और मजबूत होती चली गई.
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इस बार के असम विधानसभा चुनाव में हिमंता बिस्वा सरमा न केवल अपनी सीट बचाने बल्कि मुख्यमंत्री के रूप में दूसरा कार्यकाल हासिल करने की भी कोशिश कर रहे हैं. भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के लिए यह चुनाव अहम माना जा रहा है. दूसरी ओर विपक्ष भी एकजुट होने की कोशिश में जुटा है. असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और अखिल गोगोई ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कांग्रेस और रायजोर दल के बीच गठबंधन की घोषणा की. इस गठबंधन में असम जातीय परिषद, सीपीआई (एम) और सीपीआई (एमएल) भी शामिल हैं. (हिमंता बिस्वा सरमा के X अकाउंट से साभार)

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है, 24 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 26 मार्च तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे. 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 75 सीटें जीती थीं, जिनमें अकेले भाजपा के खाते में 60 सीटें आई थीं. इसके मुकाबले कांग्रेस और उसके सहयोगियों का प्रदर्शन कमजोर रहा था और उन्हें केवल 16 सीटों पर संतोष करना पड़ा था. (PTI)

पिछले चुनाव में राज्य में 86.2 प्रतिशत का उच्च मतदान दर्ज किया गया था, जिसमें 2.2 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने हिस्सा लिया था. ऐसे में इस बार भी कड़ा मुकाबला होने की संभावना है, जहां एक ओर सत्तारूढ़ एनडीए अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश करेगा, वहीं विपक्ष एकजुट होकर उसे चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जलुकबाड़ी सीट पर हिमंत बिस्वा सरमा की मजबूत पकड़ बनी हुई है, लेकिन राज्य स्तर पर गठबंधनों की नई संरचना चुनावी समीकरणों को दिलचस्प बना सकती है. (PTI)





