गूगल ने अपने AI प्लेटफॉर्म Gemini के लिए Gemini 3.8 Live with Live Avatar पेश किया है. नए फीचर के साथ AI बातचीत सिर्फ आवाज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यूजर्स को एक डिजिटल अवतार भी दिखाई देगा, जो बात सुनने, देखने और लगभग रियल टाइम में आवाज और वीडियो के जरिए जवाब देने में सक्षम होगा.
गूगल के मुताबिक, Live Avatar को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बातचीत ज्यादा नेचुरल महसूस हो. डिजिटल अवतार बोलते समय चेहरे के हाव-भाव दिखा सकता है और उसके होंठों की मूवमेंट आवाज के साथ सिंक रहेगी. कंपनी का कहना है कि इससे AI के साथ बातचीत पहले के मुकाबले ज्यादा इंटरैक्टिव हो सकती है.
बिजनेस के लिए खास है नया फीचर
Gemini 3.8 Live with Live Avatar को मुख्य रूप से बिजनेस इस्तेमाल को ध्यान में रखकर पेश किया गया है. कंपनियां इसका इस्तेमाल कस्टमर सपोर्ट, वर्चुअल असिस्टेंट और प्रोडक्ट या सर्विस के इंटरैक्टिव डेमो जैसे कामों में कर सकती हैं. यह फीचर फिलहाल Gemini Enterprise के जरिए उपलब्ध है.
एक साथ देख और सुन सकता है AI
लाइव अवतार की खासियत यह है कि AI एक साथ ऑडियो और विजुअल इनपुट को प्रोसेस कर सकता है. यानी यूजर क्या बोल रहा है और AI स्क्रीन पर क्या देख रहा है, दोनों को समझकर जवाब दिया जा सकता है. जवाब देते समय AI आवाज के साथ चेहरे के एक्सप्रेशन और वीडियो का इस्तेमाल करता है.
गूगल ने इसमें asynchronous tool calling का सपोर्ट भी दिया है. इसका मतलब है कि AI यूजर से बातचीत जारी रखते हुए बैकग्राउंड में किसी टास्क को पूरा कर सकता है. उदाहरण के लिए, यह किसी जानकारी को चेक करते समय बातचीत को रोकने के बजाय यूजर से बात करता रह सकता है.
97 भाषाओं में कर सकता है बातचीत
Gemini Live Avatar को मल्टी-लैंग्वेज बातचीत के लिए भी तैयार किया गया है. गूगल के मुताबिक ये फीचर 97 भाषाओं को सपोर्ट करता है. बातचीत के दौरान भाषा बदलने पर AI आवाज के साथ अपने होंठों की मूवमेंट और चेहरे के हाव-भाव को भी उस भाषा के हिसाब से एडजस्ट कर सकता है.
कस्टम अवतार भी बना सकेंगी कंपनियां
बिजनेस अपनी जरूरत के हिसाब से कई प्रीसेट अवतार और अलग-अलग आवाजों में से चुनाव कर सकते हैं. इसके अलावा संगठन अपना कस्टम अवतार भी तैयार कर सकेंगे. इसके लिए हाई-क्वालिटी रेफरेंस इमेज का इस्तेमाल करके उसी कैरेक्टर के लुक और स्टाइल को बनाए रखने वाला एनिमेटेड अवतार बनाया जा सकता है.
हालांकि, फिलहाल कस्टम अवतार बनाने की सुविधा चुनिंदा एंटरप्राइज संगठनों तक सीमित है. गूगल ने AI से बनाए गए कंटेंट की पहचान आसान बनाने के लिए SynthID वॉटरमार्क का भी इस्तेमाल किया है.




