शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के साथ कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से मानक सूचकांक… बीएसई सेंसेक्स 813 अंक लुढ़क कर तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया। वहीं एनएसई निफ्टी 23,450 अंक के नीचे फिसल गया।
कारोबारियों के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी, दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली (एफएमसीजी), वित्तीय सेवाएं और तेल एवं गैस कंपनियों के शेयरों में बिकवाली और विदेशी निवेशकों की नए सिरे से पूंजी निकासी से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 813.35 अंक यानी 1.08 प्रतिशत लुढ़क कर करीब तीन महीने के निचले स्तर 74,764.23 अंक पर बंद हुआ।
वहीं, 50 शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 203.60 अंक यानी 0.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,431.50 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर सबसे अधिक 4.55 प्रतिशत टूटा। इन्फोसिस (4.43 प्रतिशत), टेक महिंद्रा (3.87 प्रतिशत) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (2.26 प्रतिशत) में भी गिरावट आई। इसके अलावा, नुकसान में रहने वाले शेयरों में एचडीएफसी बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर शामिल हैं।
दूसरी ओर, लाभ में रहने वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, टाटा स्टील, ट्रेंट और एनटीपीसी शामिल हैं। अदाणी पोर्ट्स में सबसे ज्यादा 3.67 प्रतिशत की तेजी आई।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत में भी तेजी रही। ब्रेंट क्रूड 2.67 प्रतिशत बढ़कर 100.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘बिकवाली दबाव के साथ घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट जारी रही। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, वैश्विक तनाव बने रहने और बाजार में बढ़ती अस्थिरता ने निवेशकों का भरोसा प्रभावित किया। इससे जोखिम लेने की धारणा प्रभावित हुई।’’
उन्होंने कहा कि भारत अस्थिरता सूचकांक (वीआईएक्स) में छह प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। यह बाजार में बढ़ती सावधानी और निकट अवधि को लेकर सतर्क रुख को दर्शाती है।




