Kainchi Dham Nearby Places: कैंची धाम जाने का प्लान बना रहे हैं तो सिर्फ मंदिर में दर्शन करके वापस लौटना थोड़ा अधूरा-सा लग सकता है. उत्तराखंड की पहाड़ियों में बसा यह आध्यात्मिक स्थल आसपास की खूबसूरत झीलों, पहाड़ों और शांत हिल स्टेशनों से घिरा है. यही वजह है कि यहां आने वाले कई लोग अपनी यात्रा को एक छोटे ट्रैवल ट्रिप में बदल देते हैं. कैंची धाम से नजदीक नैनीताल, भीमताल और मुक्तेश्वर ऐसे तीन ठिकाने हैं, जिन्हें आसानी से यात्रा में शामिल किया जा सकता है.
खास बात यह है कि तीनों की अपनी अलग पहचान है कहीं झील के किनारे सुकून मिलेगा, कहीं पहाड़ों के शानदार नजारे और कहीं मंदिर के साथ प्रकृति का शांत माहौल. अगर आप भी कैंची धाम जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो रूट और संभावित खर्च पहले जान लेना सफर को काफी आसान बना सकता है.
कैंची धाम के बाद कहां जाएं?
1. नैनीताल: झील, माल रोड और पहाड़ी नजारे
कैंची धाम से नैनीताल करीब 17 से 20 किलोमीटर दूर है. सामान्य ट्रैफिक में सड़क मार्ग से यहां पहुंचने में लगभग 30 से 60 मिनट लग सकते हैं. आम रूट कैंची धाम से भवाली होते हुए नैनीताल का है. नैनीताल पहुंचकर नैनी झील में बोटिंग, माल रोड पर घूमना और नयना देवी मंदिर के दर्शन किए जा सकते हैं. अगर समय हो तो रोपवे या किसी व्यू प्वाइंट से पहाड़ों का नजारा भी देख सकते हैं. कैंची धाम से नैनीताल जाने के लिए साझा वाहन अपेक्षाकृत सस्ता विकल्प हो सकता है, जबकि टैक्सी सुविधा और समय के हिसाब से ज्यादा आरामदायक रहती है.
2. भीमताल: भीड़ से दूर शांत पहाड़ी ठिकाना
अगर आपको नैनीताल की भीड़ के बजाय थोड़ा शांत माहौल पसंद है तो भीमताल अच्छा विकल्प है. कैंची धाम से इसकी दूरी अलग-अलग रूट के हिसाब से करीब 16 से 22 किलोमीटर बताई जाती है. यहां का सबसे बड़ा आकर्षण भीमताल झील है, जहां कुछ समय प्रकृति के बीच बिताया जा सकता है.
झील के साथ सुकून का अनुभव
भीमताल में झील के आसपास घूमना, बोटिंग करना और भीमेश्वर महादेव मंदिर जाना यात्रा को खास बना सकता है. परिवार के साथ जाने वालों के लिए भी यह जगह अच्छी रहती है. अगर आपके पास केवल एक दिन अतिरिक्त है, तो कैंची धाम और भीमताल को एक ही ट्रिप में शामिल करना व्यावहारिक रहेगा.
3. मुक्तेश्वर: पहाड़ों के बीच मिलेगा अलग अनुभव
कैंची धाम से थोड़ा आगे निकलकर मुक्तेश्वर पहुंचा जा सकता है. इसकी दूरी करीब 45 से 50 किलोमीटर के आसपास पड़ती है और सड़क से लगभग डेढ़ से दो घंटे लग सकते हैं. यहां मुक्तेश्वर मंदिर, चौली की जाली और हिमालयी व्यू पॉइंट खास आकर्षण हैं. साफ मौसम में पहाड़ों का दूर तक फैला दृश्य यात्रा की थकान कम कर देता है. अगर आप शांति चाहते हैं तो यहां एक रात रुकना भी बेहतर विकल्प हो सकता है.
रूट और खर्च का रखें ध्यान
अगर दिल्ली से यात्रा शुरू कर रहे हैं तो आम सड़क मार्ग मोरादाबाद, रुद्रपुर, हल्द्वानी और भवाली होते हुए कैंची धाम तक जाता है. दिल्ली से कैंची धाम की सड़क दूरी करीब 330 किलोमीटर बताई जाती है. काठगोदाम रेलवे स्टेशन से भी सड़क मार्ग द्वारा कैंची धाम पहुंचा जा सकता है. खर्च आपकी यात्रा के साधन, होटल और सीजन पर काफी निर्भर करेगा. साझा टैक्सी और बस से यात्रा करने पर बजट कम रखा जा सकता है, जबकि निजी कैब लेने पर खर्च बढ़ेगा. उदाहरण के तौर पर उपलब्ध यात्रा गाइड्स में नैनीताल से कैंची धाम के साझा वाहन और टैक्सी के अलग-अलग किराये बताए गए हैं, इसलिए बुकिंग से पहले स्थानीय रेट जरूर जांचें.
छोटी-सी ट्रिप, यादगार सफर
कैंची धाम की यात्रा को सिर्फ दर्शन तक सीमित रखने के बजाय आसपास के इन तीन स्थानों के साथ जोड़ें तो धार्मिक यात्रा के साथ पहाड़ों को करीब से देखने का मौका भी मिलेगा. बस पहाड़ी मौसम, ट्रैफिक और स्थानीय यात्रा समय को ध्यान में रखकर प्लान बनाएं.




