पश्चिम एशिया तनाव फिर बढ़ने से शेयर बाजार में गिरावट; सेंसेक्स 307 अंक टूटा, निफ्टी भी नुकसान में
घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को गिरावट आई। आईटी और दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बिकवाली और पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने से मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 307 अंक के नुकसान में रहा जबकि एनएसई निफ्टी 95 अंक टूटा।
विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल के दाम में तेजी, वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और विदेशी पूंजी की निकासी से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 307.24 अंक यानी 0.40 प्रतिशत टूटकर 76,957.27 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 513.19 अंक तक नीचे आ गया था। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 20 नुकसान में रहे जबकि 10 में तेजी रही।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 95.25 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,080.40 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में से अदाणी पोर्ट्स में सर्वाधिक 4.11 प्रतिशत की गिरावट आई। सूचकांक में मजबूत हिस्सेदारी रखने वाला एचडीएफसी बैंक 1.53 प्रतिशत नुकसान में रहा। एचडीएफसी बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक शशिधर जगदीशन ने घोषणा की है कि वह अपने मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति के बाद पुनर्नियुक्ति का विकल्प नहीं चुनेंगे। उनका मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है।
इसके अलावा, आईटीसी, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर प्रमुख रूप से गिरावट में रहे।
दूसरी ओर, लाभ में रहने वाले शेयरों में सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और भारतीय स्टेट बैंक शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 3.63 प्रतिशत बढ़कर 91.30 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं कमजोर पड़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में वृद्धि से ऊर्जा की अगुवाई में मुद्रास्फीति बढ़ने और ऊंची ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे कंपनियों की आय प्रभावित हो सकती है।’’
उन्होंने कहा कि जैक्सन होल संबोधन के बाद फेडरल रिजर्व के चेयरमैन की हाल की टिप्पणियों से सितंबर में संभावित ब्याज दर वृद्धि की संभावना बढ़ी है। इससे वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल ऊंचा बना हुआ है और उभरते बाजारों में निकट अवधि में उतार-चढ़ाव बढ़ा है।




