एनडीआरआरएमए ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भले ही उस जगह से झील का पानी पूरी तरह नहीं निकला है, जहां नदी का बहाव रुका हुआ है, फिर भी भोटेकोशी और त्रिशूली इलाकों में खतरा बना हुआ है। लोगों से अपील की जाती है कि वे नदी से दूर रहें और अगली अद्यतन सूचना मिलने तक सुरक्षित जगहों पर ही रहें।’’
सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे वीडियो में नेपाल-चीन सीमा पर स्थित रसुवागढ़ी में भारी पैमाने पर तबाही नजर आ रही है। इस वीडियो में तेज बहाव के साथ एक विशाल लहर को दो मंजिला इमारत के ऊपर से गुजरते और अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को बहाते हुए देखा जा सकता है। कई लोगों को पहले पानी के आने की आवाज सुनकर भागते हुए देखा गया, लेकिन कुछ ही सेकेंड में वे अचानक आई बाढ़ के बाद जमा हुए कीचड़ और मलबे में दब गए।
रसुवा जिले में आई भयावह बाढ़ के बाद लापता हुए 341 विदेशी पर्यटकों/तीर्थयात्रियों में 133 भारतीयों के अलावा 37 प्रवासी भारतीय भी शामिल हैं। इनमें से ज़्यादातर भारतीय तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे थे। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, कुल 341 यात्रियों में से 62 नेपाली नागरिक हैं जो लापता हैं। बोर्ड ने एक बयान में कहा कि बाकी पर्यटक अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड से हैं। सम्राट टूर एंड ट्रैवल एजेंसी ने बताया कि भारतीयों में से कम से कम 59 लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री हैं।
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