दिलचस्प बात यह है कि सैन्य अभ्यासों में कटौती की घोषणा से एक दिन पहले ट्रंप ने 2019 में पनमुनजोम में किम के साथ हुई मुलाकात की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा की थी और दोहराया था कि दोनों के बीच संबंध ‘बहुत अच्छे’ हैं।
यह संकेत देता है कि ट्रंप एक तरफ सोल से अपने रणनीतिक सहयोग को लेकर असंतोष जता रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्योंगयांग के साथ व्यक्तिगत कूटनीति की खिड़की फिर से खोलना चाहते हैं।
अमेरिका और दक्षिण कोरिया का सुरक्षा गठबंधन दशकों पुराना है और उत्तर कोरिया का परमाणु एवं मिसाइल कार्यक्रम दोनों देशों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।
इसके बावजूद ट्रंप का मौजूदा रुख असामान्य जरूर है। जिस समय उत्तर कोरिया अपनी सैन्य क्षमता बढ़ा रहा है और हाल में बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण भी कर चुका है, उसी समय अमेरिकी राष्ट्रपति संयुक्त सैन्य अभ्यासों को कम करने की बात कर रहे हैं।




